नई दिल्ली। न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे मुकाबलों में भारतीय टीम की चुनौती सिर्फ मेजबान टीम के खिलाड़ियों तक सीमित नहीं है। ऑकलैंड का ईडन पार्क भी भारत के लिए मुश्किल मैदान साबित हुआ है।
यहां खेले गए 11 वनडे मुकाबलों में भारतीय टीम को केवल चार में जीत मिली, जबकि छह मैचों में हार का सामना करना पड़ा। एक मुकाबला टाई रहा।
इन आंकड़ों से साफ है कि ईडन पार्क में भारत को अपने प्रदर्शन में सुधार करना होगा। खास बात यह है कि इस मैदान पर न्यूजीलैंड के खिलाफ भारतीय टीम का रिकॉर्ड भी मेजबान टीम के पक्ष में रहा है।
1976 में हुई थी शुरुआत, 2015 विश्व कप में मिली यादगार जीत
भारत ने ईडन पार्क में अपना पहला वनडे मुकाबला 22 फरवरी 1976 को खेला था। सुनील गावस्कर की कप्तानी में उतरी भारतीय टीम को उस मैच में न्यूजीलैंड के खिलाफ 80 रन से हार मिली थी।
इसके बाद भारतीय टीम ने इस मैदान पर कई मुकाबले खेले। इनमें 2015 विश्व कप के दौरान जिम्बाब्वे के खिलाफ खेला गया मैच भी शामिल है। उस मुकाबले में भारत ने छह विकेट से जीत दर्ज की थी।
हालांकि, न्यूजीलैंड के खिलाफ इस मैदान पर भारत का प्रदर्शन लगातार चुनौतीपूर्ण रहा है। यहां की परिस्थितियों में मेजबान टीम को मिलने वाली बढ़त भारतीय खिलाड़ियों के लिए मुश्किलें पैदा कर सकती है।
2022 की हार, जब टॉम लैथम ने छीन ली थी भारत से जीत
ईडन पार्क में भारत और न्यूजीलैंड के बीच पिछला वनडे मुकाबला 25 नवंबर 2022 को खेला गया था। इस मैच में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 306 रन बनाए थे।
भारत की ओर से शिखर धवन, शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर ने अर्धशतकीय पारियां खेलीं। इन पारियों की मदद से भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड के सामने 307 रन का लक्ष्य रखा।
लेकिन न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी के सामने भारतीय गेंदबाज लक्ष्य का बचाव नहीं कर सके। टॉम लैथम ने नाबाद 145 रन की शानदार पारी खेली, जबकि केन विलियमसन ने भी अर्धशतक बनाया। दोनों बल्लेबाजों के प्रदर्शन ने मैच का रुख न्यूजीलैंड की ओर मोड़ दिया।
मेजबान टीम ने 47.1 ओवर में तीन विकेट खोकर 309 रन बना लिए और सात विकेट से मुकाबला जीत लिया। भारत की ओर से उमरान मलिक ने दो विकेट लिए, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके।
भारत के सामने रिकॉर्ड सुधारने की चुनौती
ईडन पार्क में भारत के आंकड़े बताते हैं कि न्यूजीलैंड के खिलाफ यहां जीत दर्ज करना आसान नहीं रहा है। ऐसे में भारतीय टीम के लिए बल्लेबाजी के साथ-साथ गेंदबाजी में भी बेहतर प्रदर्शन करना अहम होगा।
पिछले मुकाबले में 306 रन बनाने के बावजूद भारत को हार मिली थी। इससे यह भी स्पष्ट हुआ कि बड़े स्कोर के बाद भी गेंदबाजों को विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखना होगा।
अब भारतीय टीम के सामने इस मैदान पर अपने रिकॉर्ड को बेहतर करने और न्यूजीलैंड के खिलाफ पिछली हार से सबक लेने की चुनौती होगी।