- चैंपियन इंडिया ए: फाइनल मुकाबले में श्रीलंका ए को 66 रनों से हराकर खिताब पर जमाया कब्जा।
- सूर्यवंशी का गदर: वैभव सूर्यवंशी बने ‘प्लेयर ऑफ द मैच’, लेकिन पूरे टूर्नामेंट के टॉप-5 रन स्कोरर्स से चूके।
- कप्तान-उपकप्तान का जलवा: टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वालों में तिलक वर्मा दूसरे और ऋतुराज गायकवाड़ तीसरे नंबर पर रहे।
कोलंबो (श्रीलंका)। तिलक वर्मा की कप्तानी में इंडिया ए ने श्रीलंका में खेली गई वनडे ट्राई सीरीज के फाइनल में मेजबान श्रीलंका ए को 66 रनों से करारी शिकस्त देकर चमचमाती ट्रॉफी अपने नाम कर ली है। इस खिताबी मुकाबले के सबसे बड़े हीरो रहे युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी, जिन्होंने मैदान पर रनों का ऐसा तूफान लाया कि श्रीलंकाई गेंदबाज पानी मांगते नजर आए।
फाइनल के हीरो वैभव सूर्यवंशी, लेकिन आंकड़ों में चूके
फाइनल मैच में वैभव सूर्यवंशी ने महज 29 गेंदों पर 94 रनों की विस्फोटक पारी खेलकर महफिल लूट ली। इस आतिशी पारी के लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ के अवॉर्ड से नवाजा गया। हालांकि, इस ऐतिहासिक पारी के बावजूद वैभव टूर्नामेंट के टॉप-5 रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में जगह बनाने से चूक गए।
वैभव सूर्यवंशी इस सूची में छठे नंबर पर रहे, जिन्होंने 5 मैचों की 5 पारियों में कुल 211 रन बनाए। आईपीएल 2026 के बाद इस टूर्नामेंट में भी वह सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बनने से थोड़ा पीछे रह गए।
रन बनाने में तिलक-ऋतुराज का जलवा, गेंदबाजों ने भी दिखाया दम
भले ही वैभव सूर्यवंशी टॉप-5 से बाहर रहे, लेकिन रनों के मामले में भारतीय सीनियर तिकड़ी का दबदबा रहा:
- तिलक वर्मा (कप्तान): पूरे टूर्नामेंट में शानदार कंसिस्टेंसी दिखाते हुए सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों में दूसरे स्थान पर रहे।
- ऋतुराज गायकवाड़ (उपकप्तान): अपनी क्लासिक बल्लेबाजी के दम पर वह इस सूची में तीसरे स्थान पर रहे।
गेंदबाजी में अनुकूल और विप्रज चमके
गेंदबाजों की बात करें तो इंडिया ए के दो स्टार खिलाड़ियों ने टॉप-5 विकेट टेकर्स की सूची में अपनी जगह पक्की की:
- अनुकूल रॉय
- विप्रज निगम
हालांकि, रन और विकेट दोनों ही श्रेणियों में पहला स्थान किसी भारतीय खिलाड़ी के नाम नहीं रहा, लेकिन टीम इंडिया के कंबाइंड एफर्ट ने श्रीलंका को उसी के घर में घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया।
टीम एफर्ट से मिली खिताबी जीत
इस पूरी सीरीज में कप्तान तिलक वर्मा की लीडरशिप लाजवाब रही। फाइनल मुकाबले में जहां बल्लेबाजों ने बोर्ड पर विशाल स्कोर खड़ा किया, वहीं गेंदबाजों ने लाइन-लेंथ पर सटीक गेंदबाजी करते हुए श्रीलंका ए को लक्ष्य से 66 रन पहले ही ढेर कर दिया। इस जीत के साथ ही इंडिया ए ने साबित कर दिया कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य बेहद सुरक्षित हाथों में है।