नासिक। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत और केंद्र की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा जुबानी हमला बोला है। नासिक दौरे के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए राज ठाकरे ने संघ के ‘Gen Z’ संपर्क अभियान पर तंज कसा और हालिया NEET पेपर लीक विवाद के लिए बीजेपी की अंदरूनी गुटबाजी को जिम्मेदार ठहराया।
राज ठाकरे ने साफ शब्दों में कहा कि जंतर-मंतर पर युवाओं और छात्रों का प्रदर्शन देश के हर घर तक पहुँच चुका है और यह तो बस एक बड़े आंदोलन की शुरुआत है।
1. “संघ का युवाओं तक पहुँचना देर से उठाया गया कदम”
हाल ही में मुंबई में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने Gen Z और Gen Alpha (2012 के बाद जन्मे युवा) के साथ एक खास संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए राज ठाकरे ने कहा, “यह काम बहुत देर से हुआ है।”
संघ के संवाद कार्यक्रम में मोहन भागवत ने युवाओं का पक्ष लेते हुए कहा था कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना युवाओं को ‘देशविरोधी’ नहीं बनाता और उनकी मांगें वास्तविक हैं। हालांकि, विपक्ष और मनसे प्रमुख का मानना है कि NEET विवाद के बाद बैकफुट पर आई सरकार और संघ अब छवि सुधारने की कोशिश में जुटे हैं।
2. NEET पेपर लीक विवाद पर बड़े दावे
| मुद्दा | राज ठाकरे और MNS का रुख | संघ (RSS) का रुख |
| Gen Z संवाद | बहुत देर से उठाया गया राजनीतिक कदम। | युवाओं की समस्याओं को समझने और मार्गदर्शन की कोशिश। |
| युवा आंदोलन | बीजेपी की अंदरूनी राजनीतिक लड़ाई का नतीजा। | विरोध प्रदर्शन देशविरोधी नहीं, युवाओं की मांगें जायज। |
| भविष्य की दिशा | जंतर-मंतर का प्रदर्शन महज एक शुरुआत है। | युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने की पहल। |
3. “विरोधियों को खत्म करोगे, तो घर के अंदर ही दुश्मन बनेंगे”
राज ठाकरे ने NEET पेपर लीक आंदोलन के राजनीतिक पहलुओं पर बात करते हुए बीजेपी नेतृत्व पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि NEET का मुद्दा बीजेपी की अंदरूनी गुटबाजी और सत्ता की खींचतान के कारण उपजा।
“जब कोई पार्टी राजनीति में अपने तमाम विरोधियों को खत्म कर देती है, तो संगठन के भीतर ही नए दुश्मन पैदा हो जाते हैं। NEET पेपर लीक के खिलाफ दिखा जनाक्रोश इसी अंदरूनी कलह और युवाओं के गुस्से का सामूहिक विस्फोट है।”
— राज ठाकरे (MNS प्रमुख)