- महा-हमला: ईरान ने अपनी सबसे घातक लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल ‘खोर्रमशहर’ से इजरायल को निशाना बनाया।
- अमेरिका को धमकी: ईरान का संदेश— “अपने राष्ट्रपति से कहो बीच में न आएं, एक दिन में इजरायल को घुटने पर ला देंगे।”
- नेतन्याहू का पलटवार: “समझौता हो या न हो, मेरे रहते ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बना पाएगा।”
तेल अवीव/तेहरान। मिडिल ईस्ट (Middle East) में जारी भीषण तनाव के बीच एक बेहद डराने वाली खबर सामने आ रही है। ईरान ने अपनी सबसे खतरनाक और लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल ‘खोर्रमशहर’ (Khorramshahr Missile) से इजरायल पर बड़ा हमला कर दिया है।
इस हमले के तुरंत बाद ईरानी सेना से जुड़े सोशल मीडिया हैंडल्स और स्थानीय मीडिया ने देश की जनता से ‘ईरान के लिए प्रार्थना करें’ की भावुक अपील जारी की है। हालांकि, इस हमले से इजरायल में हुए सटीक नुकसान की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
ट्रंप को ईरान की दो टूक: “हमारे बीच में न आएं अमेरिकी”
मिसाइल दागने के साथ ही ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी प्रशासन को बेहद सख्त लहजे में चेतावनी दी है। ईरान की ओर से जारी संदेश में कहा गया:
“प्रिय अमेरिकियों, अपने राष्ट्रपति से कहो कि वे ईरान और इजरायल के मामले के बीच में न आएं। हम महज एक ही दिन के भीतर इजरायल को घुटने टेकने पर मजबूर कर देंगे।”
रक्षा विशेषज्ञों (Defense Experts) के मुताबिक, ‘खोर्रमशहर’ मिसाइल ईरान के सामरिक हथियार कार्यक्रम का सबसे घातक हिस्सा है, जो भारी पेलोड (हथियार) ले जाने और दुश्मन के रडार को चकमा देकर लंबी दूरी तक तबाही मचाने में सक्षम है।
बेंजामिन नेतन्याहू की कसम- “ईरान के पास कभी नहीं होगा परमाणु हथियार”
इस भीषण मिसाइल हमले के बाद इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बेहद आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। वैश्विक शांति वार्ताओं को दरकिनार करते हुए नेतन्याहू ने कसम खाई:
“बातचीत में चाहे कुछ भी हो, कोई समझौता हो या न हो, मैं आपसे वादा करता हूं कि जब तक मैं इजरायल का प्रधानमंत्री हूं, ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होगा… कभी नहीं!”
“अगर अमेरिका पर हमला होता तो क्या वो चुप रहता?”इजरायली PM
नेतन्याहू ने लेबनान सीमा पर इजराइली सेना की मौजूदगी और सुरक्षा पट्टी (Security Zone) को हटाने से साफ इनकार कर दिया। अमेरिका को आईना दिखाते हुए उन्होंने कहा:
- “जरा सोचिए कि अमेरिका की सीमा पार हजारों आतंकवादियों की फौज हो जो रॉकेट, बैलिस्टिक मिसाइल और किलर ड्रोन से अमेरिकी बच्चों और नागरिकों को मार रही हो, तो क्या अमेरिका चुप रहता?”
- “क्या अमेरिका कहता कि चलो गोलीबारी रोक देते हैं? नहीं! अमेरिका सीमा पार करता, सुरक्षा जोन बनाता और खतरा टलने तक आतंकवादियों को मारता। हम भी ठीक यही कर रहे हैं।”
अंतरराष्ट्रीय समुदाय में हड़कंप
ईरान के इस मिसाइल अटैक और दोनों देशों के बीच आर-पार की जंग के बयानों ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। दुनिया के कई बड़े देशों ने दोनों पक्षों से तुरंत संयम बरतने की अपील की है, क्योंकि यह टकराव किसी भी वक्त तीसरे विश्व युद्ध (World War 3) जैसी स्थिति में बदल सकता है।