- दोपहर 3 बजे विलय: शिवसेना (UBT) के सभी 6 बागी लोकसभा सांसद आज औपचारिक रूप से एकनाथ शिंदे गुट में होंगे शामिल।
- बच जाएगा दलबदल कानून: 9 में से 6 सांसदों के टूटने से बागी गुट के पास दो-तिहाई बहुमत, अयोग्यता का खतरा खत्म।
- उद्धव की इमरजेंसी मीटिंग: डैमेज कंट्रोल के लिए नरीमन पॉइंट ‘शिवालय’ में दोपहर 2:30 बजे बुलाई गई विधायकों-MLCs की बैठक।
मुंबई। महाराष्ट्र की सियासत में सोमवार को एक बार फिर भूकंप आ गया है। विधानसभा के मॉनसून सत्र के पहले ही दिन उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना (UBT) को अब तक का सबसे बड़ा झटका लगने जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, उद्धव गुट के 9 में से 6 लोकसभा सांसद आज दोपहर 3 बजे मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली असली शिवसेना में शामिल होने जा रहे हैं।
इस सियासी फेरबदल को ‘ऑपरेशन टाइगर’ नाम दिया गया है, जिसकी सफलता पर खुद सीएम और डिप्टी सीएम ने मुहर लगा दी है।
लोकसभा में बचा दो-तिहाई बहुमत, अयोग्यता का खेल खत्म
दलबदल विरोधी कानून (Anti-Defection Law) की तलवार से बचने के लिए बागी गुट को दो-तिहाई बहुमत की जरूरत थी। शिवसेना (UBT) के पास लोकसभा में कुल 9 सांसद हैं, जिनमें से 6 सांसदों का एक साथ जाना शिंदे गुट को कानूनी रूप से सुरक्षित कर देगा।
शिंदे गुट में शामिल होने वाले 6 बागी सांसद:
- संजय देशमुख
- संजय जाधव
- संजय दीना पाटिल
- भाऊसाहेब वाकचौरे
- नागेश पाटिल-अष्टिकर
- ओमप्रकाश राजे निंबालकर
ये सभी 6 सांसद 17 जून को दिल्ली में हुई उद्धव ठाकरे की संसदीय दल की बैठक से भी नदारद रहे थे।
‘शिवालय’ में उद्धव की इमरजेंसी बैठक, विधायकों को रोकने की चुनौती
इस बगावत के बाद उद्धव ठाकरे खेमे में खलबली मच गई है। आनन-फानन में आज सोमवार दोपहर 2:30 बजे नरीमन पॉइंट स्थित पार्टी दफ्तर ‘शिवालय’ में शिवसेना (UBT) के सभी विधायकों और MLCs की इमरजेंसी बैठक बुलाई गई है।
इस बैठक का मकसद बचे हुए विधायकों को एकजुट रखना और लोकसभा सांसदों की बगावत के बाद नई रणनीति तैयार करना है। रविवार को उद्धव के दूतों (कैलाश पाटिल और वरुण सरदेसाई) ने धाराशिव के सांसद ओमप्रकाश राजे निंबालकर को मनाने की आखिरी कोशिश की थी, जो पूरी तरह फेल साबित हुई।
“हमारी वफादारी पर सवाल उठाए, इसलिए छोड़ी पार्टी”
हिंगोली से सांसद नागेश पाटिल अष्टिकर ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा:
“हमने 18 जून तक कोई फैसला नहीं किया था। लेकिन पिछले कुछ दिनों से हमारे खिलाफ जो टिप्पणियां की गईं, उससे साफ हो गया कि वहां (UBT) रहने का कोई मतलब नहीं है। मैंने अपनी विचारधारा से समझौता नहीं किया है, मैं बस एक शिवसेना से दूसरी शिवसेना में जा रहा हूं।”
सीएम-डिप्टी सीएम का बड़ा बयान: “ऑपरेशन सफल रहा”
महाराष्ट्र के राजनीतिक हलकों में इस टूट को लेकर सत्ता पक्ष में जश्न का माहौल है। उपमुख्यमंत्री ने कहा, “ऑपरेशन सफल रहा है और पार्टी की सेहत बहुत अच्छी है। जिन्हें आत्म-मंथन करना है, उन्हें करने दीजिए।”
वहीं मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपनी चिर-परिचित शैली में कहा, “जब भी मैं कोई ऑपरेशन शुरू करता हूं, तो उसे अंजाम तक पहुंचाकर ही दम लेता हूं। यह हमने पहले भी करके दिखाया है और आज फिर साबित कर दिया।”