मुंबई,20 अप्रैल 2026: सोमवार को पावर सेक्टर में बड़ी हलचल देखने को मिली, जब Indian Energy Exchange (IEX) के शेयर अचानक लुढ़क गए। एनएसई पर शेयर 6.2% टूटकर ₹127.43 के इंट्राडे लो तक पहुंच गया, जबकि बीएसई पर भी करीब 6% गिरकर ₹127.50 छू लिया। इस तेज गिरावट के पीछे एक अहम वजह सामने आई—पावर मार्केट में बड़े बदलाव की आहट।
दरअसल, Central Electricity Regulatory Commission (CERC) के नए ड्राफ्ट नियमों ने बाजार में चिंता बढ़ा दी है। इन नियमों में ‘मार्केट कपलिंग’ (Market Coupling) का प्रस्ताव रखा गया है, जिसने IEX के बिजनेस मॉडल पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है Market Coupling और क्यों मचा बवाल?
CERC के प्रस्ताव के मुताबिक, Grid India को Market Coupling Operator (MCO) बनाया जा सकता है। इसका मतलब यह होगा कि देश के सभी पावर एक्सचेंजों से आने वाली बोलियां एक जगह इकट्ठी होंगी और फिर एक ही यूनिफॉर्म प्राइस तय होगा।
अभी तक IEX का बिजली बाजार में 95% से ज्यादा दबदबा है, खासकर डे-अहेड और रियल-टाइम मार्केट में। लेकिन मार्केट कपलिंग लागू होने के बाद यह ताकत कमजोर पड़ सकती है, क्योंकि सभी एक्सचेंजों की लिक्विडिटी एक साथ जुड़ जाएगी और कीमत तय करने का ‘एकाधिकार’ खत्म हो सकता है।
घट सकती है मार्केट शेयर, बढ़ सकता है दबाव
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि IEX की हिस्सेदारी 70-75% तक गिर सकती है। इसका सीधा असर कंपनी की ट्रांजेक्शन फीस से होने वाली कमाई पर पड़ेगा। हालांकि कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि IEX की मजबूत टेक्नोलॉजी और प्रोडक्ट पोर्टफोलियो इसे पूरी तरह कमजोर नहीं होने देंगे।
पहले भी मिल चुका है झटका
गौरतलब है कि Appellate Tribunal for Electricity (APTEL) पहले ही IEX की याचिका को खारिज कर चुका है और CERC को नए नियम बनाने की छूट दे चुका है। यानी रेगुलेटरी फ्रंट पर कंपनी को पहले से ही दबाव झेलना पड़ रहा है।
आगे क्या होगा?
फिलहाल ये नियम ड्राफ्ट स्टेज में हैं और CERC अब स्टेकहोल्डर्स से सुझाव मांगेगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मार्केट कपलिंग लागू होने में 18-24 महीने लग सकते हैं।
फिलहाल एक बात साफ है—नियमों में बदलाव की आहट ने IEX के निवेशकों की नींद उड़ा दी है। अब सबकी नजर इस पर टिकी है कि फाइनल नियम क्या रूप लेते हैं और कंपनी इस चुनौती से कैसे निपटती है।