पटना: फायरिंग मामले में नामजद होने के बाद चर्चित शिक्षक फैजल खान उर्फ खान सर की मुश्किलें लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं। पटना पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है, लेकिन फिलहाल उनका कोई स्पष्ट अता-पता नहीं मिल पाया है। इस बीच शहर में चर्चा है कि वह गिरफ्तारी से पहले अदालत का रुख कर सकते हैं या सीधे कोर्ट में सरेंडर कर सकते हैं। हालांकि पुलिस और खान सर की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
फायरिंग मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद खान सर के कोचिंग संस्थान के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस ने छात्रों से भी शांति बनाए रखने और किसी के बहकावे में नहीं आने की अपील की है।
फायरिंग वीडियो के बाद बदल गया पूरा मामला
पटना में कोचिंग संस्थानों के बीच विवाद के बाद शुरू हुआ मामला अब कानूनी मोड़ ले चुका है। बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा का परिणाम आने के बाद खान सर के संस्थान और एक अन्य कोचिंग संस्थान के बीच विवाद की खबरें सामने आई थीं।
2 जून की रात खान सर के कोचिंग सेंटर के बाहर तोड़फोड़ और पथराव हुआ था। इस मामले में दूसरे संस्थान के संचालक रौशन आनंद समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था। लेकिन अगले ही दिन एक वीडियो सामने आया, जिसमें खान सर के दो सुरक्षाकर्मी हवा में फायरिंग करते दिखाई दिए। वीडियो की जांच के बाद पुलिस ने दोनों गार्डों को गिरफ्तार कर लिया।
यहीं से पूरे मामले की दिशा बदल गई और बाद में दर्ज एफआईआर में खान सर का नाम भी शामिल कर लिया गया।
खान सर के खिलाफ कौन-कौन सी धाराएं लगी हैं?
कदमकुआं थाने में दर्ज प्राथमिकी में खान सर के खिलाफ हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट से जुड़ी धाराएं लगाई गई हैं।
एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 के तहत हत्या के प्रयास का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं को भी शामिल किया गया है, जिनमें हथियार का इस्तेमाल, परिसर में हथियार रखने और फायरिंग से संबंधित प्रावधान शामिल हैं।
इन धाराओं के कारण मामले को गंभीर माना जा रहा है और पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी में जुटी है।
पुलिस को नहीं मिला कोई सुराग
जानकारी के मुताबिक पुलिस की टीम दिन में खान सर के कोचिंग सेंटर भी पहुंची थी, लेकिन वह वहां नहीं मिले। बताया जा रहा है कि उन्होंने सुबह छात्रों की कक्षाएं ली थीं और फायरिंग विवाद को लेकर अपनी बात भी रखी थी। हालांकि एफआईआर दर्ज होने से पहले ही वह संस्थान से निकल गए।
इसके बाद से उनके ठिकाने को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। पुलिस लगातार उनकी तलाश कर रही है।
क्या कोर्ट में सरेंडर कर सकते हैं खान सर?
मामले को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं कि खान सर गिरफ्तारी से बचने के लिए कानूनी विकल्प तलाश रहे हैं। चर्चा है कि उन्होंने वकीलों से भी सलाह ली है और अदालत का रुख कर सकते हैं।
कई लोगों का मानना है कि वह सीधे कोर्ट में सरेंडर भी कर सकते हैं। हालांकि यह अभी केवल कयास हैं और इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
पुराना वीडियो फिर हुआ वायरल
इस बीच खान सर का एक पुराना वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह छात्रों को कानूनी प्रक्रिया और गिरफ्तारी की स्थिति में उपलब्ध विकल्पों के बारे में जानकारी देते नजर आ रहे हैं।
वीडियो के वायरल होने के बाद यह मामला और अधिक चर्चा में आ गया है।
कोचिंग सेंटर के बाहर बढ़ी हलचल
एफआईआर दर्ज होने के बाद खान सर के मुसल्लहपुर स्थित कोचिंग सेंटर के बाहर छात्रों की भीड़ जुटने लगी। कई मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि पुलिस की मौजूदगी के बीच छात्रों और दूसरे पक्ष के समर्थकों के पहुंचने से तनावपूर्ण स्थिति बनने की आशंका थी।
हालांकि पुलिस ने समय रहते स्थिति को नियंत्रित रखा और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।
पुलिस ने छात्रों से की खास अपील
पटना पुलिस ने बयान जारी कर छात्रों से कहा है कि वे कोचिंग संस्थानों के बीच प्रतिस्पर्धा को लेकर किसी के बहकावे में न आएं। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं और दोनों मामलों की जांच जारी है।
खान सर की गिरफ्तारी को लेकर अफवाहों का दौर
शुक्रवार शाम से ही शहर में खान सर की गिरफ्तारी को लेकर कई तरह की अफवाहें फैलने लगीं। कुछ जगहों पर यह भी चर्चा रही कि उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन पुलिस की ओर से ऐसी किसी कार्रवाई की पुष्टि नहीं की गई।
पुलिस का कहना है कि फिलहाल उनकी तलाश जारी है और जांच के आधार पर ही आगे का कदम उठाया जाएगा।
पप्पू यादव ने भी दी प्रतिक्रिया
मामले पर पूर्णिया सांसद पप्पू यादव की भी प्रतिक्रिया सामने आई। उन्होंने कहा कि कोचिंग संस्थानों के बीच प्रतिस्पर्धा कोई गलत बात नहीं है, लेकिन विवाद का स्वरूप जिस तरह बढ़ा, वह चिंताजनक है।
उन्होंने यह भी कहा कि गोली चलाने और मारपीट जैसी घटनाओं को किसी भी स्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता। साथ ही यह सवाल भी उठाया कि एक शिक्षक को निजी सुरक्षाकर्मियों की आवश्यकता क्यों पड़ रही है।
हाईलेवल बैठक के बाद आगे की रणनीति
फायरिंग मामले को लेकर पटना पुलिस ने उच्चस्तरीय बैठक भी की। वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की समीक्षा की और आगे की कार्रवाई पर चर्चा की। सूत्रों के मुताबिक पुलिस कानून-व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए बेहद सतर्कता के साथ कदम उठा रही है।
इसी वजह से पूरे मामले पर प्रशासन की नजर बनी हुई है और आने वाले दिनों में इस प्रकरण में नए घटनाक्रम सामने आ सकते हैं।