सिनेमा जगत के मशहूर फिल्म निर्माता और सेंसर बोर्ड CBFC के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी का निधन हो गया है। वह लंबे समय से लीवर संबंधी बीमारी से जूझ रहे थे। उनके निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है। पहलाज निहलानी को आंखें, शोला और शबनम और जूली 2 जैसी फिल्मों के निर्माण के लिए जाना जाता है। इन फिल्मों ने उन्हें बॉलीवुड के सफल निर्माताओं की सूची में शामिल कर दिया था।

20 फिल्मों का निर्माण, कई सितारों को दिया मौका
पहलाज निहलानी का जन्म 10 जनवरी 1950 को मुंबई के एक सिंधी परिवार में हुआ था। 4 जून 2026 को 76 वर्ष की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। उन्होंने अपने करियर में करीब 20 फिल्मों का निर्माण किया और फिल्म हथकड़ी से निर्माता के रूप में शुरुआत की।
80 और 90 के दशक में उन्होंने कई कलाकारों के करियर को नई दिशा दी। खास तौर पर अभिनेता गोविंदा के साथ उनकी जोड़ी काफी सफल रही। इल्जाम, आग ही आग, शोला और शबनम और आंखें जैसी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया।

सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में भी रहे चर्चा में
पहलाज निहलानी वर्ष 2015 से 2017 तक CBFC के अध्यक्ष रहे। इसके अलावा वह एसोसिएशन ऑफ मोशन पिक्चर एंड टीवी प्रोग्राम प्रोड्यूसर्स के अध्यक्ष भी रह चुके थे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने फिल्मों के कंटेंट को लेकर कई कड़े फैसले लिए, जिनकी वजह से वह अक्सर सुर्खियों में बने रहे।

‘उड़ता पंजाब’ विवाद ने सबसे ज्यादा बटोरीं सुर्खियां
पहलाज निहलानी का सबसे चर्चित विवाद साल 2016 में फिल्म उड़ता पंजाब को लेकर सामने आया। सेंसर बोर्ड ने फिल्म में 89 कट लगाने और पंजाब का संदर्भ हटाने की मांग की थी। बोर्ड का कहना था कि फिल्म में नशे और पंजाब की छवि को गलत तरीके से दिखाया गया है।

फिल्म के निर्माताओं और कलाकारों ने इस फैसले का विरोध किया और मामला अदालत तक पहुंच गया। बाद में बॉम्बे हाईकोर्ट ने सेंसर बोर्ड के फैसले को पलटते हुए फिल्म को सिर्फ एक कट के साथ रिलीज करने की अनुमति दे दी।
इन फैसलों पर भी उठे थे सवाल
अपने कार्यकाल में पहलाज निहलानी कई अन्य विवादों को लेकर भी चर्चा में रहे। फिल्म लिपस्टिक अंडर माय बुर्का को उन्होंने महिला-केंद्रित और आपत्तिजनक बताते हुए प्रमाणन देने से इनकार कर दिया था। वहीं जब हैरी मेट सेजल के ट्रेलर में इस्तेमाल किए गए “इंटरकोर्स” शब्द पर भी उन्होंने आपत्ति जताई थी।इसके अलावा हॉलीवुड फिल्म स्पेक्टर में किसिंग सीन छोटे करवाने के फैसले पर सोशल मीडिया पर उनकी काफी आलोचना हुई थी।

सिनेमा जगत में हमेशा याद रखा जाएगा नाम
पहलाज निहलानी सिर्फ एक फिल्म निर्माता नहीं थे, बल्कि हिंदी सिनेमा के उस दौर के गवाह थे जिसने बॉलीवुड को नई पहचान दी। उनकी फिल्मों, उनके फैसलों और उनसे जुड़े विवादों पर बहस भले होती रहे, लेकिन भारतीय सिनेमा में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। उनके निधन के साथ फिल्म जगत का एक महत्वपूर्ण अध्याय समाप्त हो गया है।