नई दिल्ली: मालवीय नगर अग्निकांड में 21 लोगों की मौत के बाद दिल्ली सरकार और नगर निगम पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। राजधानी के अलग-अलग इलाकों में अवैध निर्माणों, नियमों के खिलाफ चल रहे होटलों और बिना अनुमति बनी इमारतों पर कार्रवाई तेज कर दी गई है। मालवीय नगर से लेकर करावल नगर और साकेत से रोहिणी तक बुलडोजर और सीलिंग अभियान लगातार जारी है।
अग्निकांड के बाद शुरू हुआ बड़ा अभियान
मालवीय नगर की जिस गली में भीषण अग्निकांड हुआ था, अब वहीं अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है। होटलों और दुकानों के बाहर बनाए गए अवैध ढांचों को हटाया जा रहा है। वहीं गिटौरनी में दो बुलडोजरों की मदद से निर्माण को ध्वस्त किया गया।
इसके साथ ही कई इलाकों में अवैध रूप से संचालित होटलों और इमारतों पर सीलिंग की कार्रवाई भी की जा रही है। हौजरानी इलाके में कई प्रतिष्ठानों पर सरकारी सीलिंग टेप लगाए गए हैं।
मालवीय नगर से करावल नगर तक चला बुलडोजर
राजधानी में कार्रवाई किसी एक इलाके तक सीमित नहीं है। मालवीय नगर, हौजरानी, शालीमार बाग, शहजादा बाग, साकेत, उत्तर-पश्चिम दिल्ली और करावल नगर समेत कई क्षेत्रों में अवैध निर्माणों को चिन्हित कर कार्रवाई की जा रही है।
नगर निगम की टीमें लगातार निरीक्षण कर रही हैं और जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया जा रहा है, वहां ध्वस्तीकरण और सीलिंग की कार्रवाई की जा रही है।
रोहिणी जोन में 3 प्रतिष्ठान सील
रोहिणी जोन में तीन प्रतिष्ठानों को सील किया गया है। वहीं करावल नगर में अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया। निगम अब उन इमारतों पर भी नजर रख रहा है जिनके पास फायर सेफ्टी क्लीयरेंस नहीं है या जो स्वीकृत नक्शे के बिना बनाई गई हैं।
रिहायशी इलाकों में चल रहे अवैध होटल और गेस्ट हाउस भी कार्रवाई के दायरे में आ गए हैं। ऐसे प्रतिष्ठानों को सील किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बुलाई उच्चस्तरीय बैठक
मालवीय नगर अग्निकांड की जांच के बीच मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में दिल्ली सरकार, नगर निगम, विकास प्राधिकरण, जल बोर्ड, पुलिस और फायर सर्विस के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में हादसे की जांच और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा उपायों पर चर्चा की गई।
लापरवाही बरतने वालों पर होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने हादसे की जांच के लिए विशेष जांच टीम के गठन का निर्देश दिया है। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
दिल्ली में व्यापक सुरक्षा ऑडिट भी शुरू कर दिया गया है। इसी के तहत अवैध निर्माणों के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जा रहा है।
1 जून से अब तक कितनी हुई कार्रवाई?
नगर निगम के अनुसार 1 जून से अब तक 82 संपत्तियों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा चुकी है। इसके अलावा 43 संपत्तियों को सील किया गया है और 150 से अधिक नोटिस तथा ध्वस्तीकरण आदेश जारी किए गए हैं।
साउथ जोन में विशेष अभियान के दौरान हौजरानी क्षेत्र में 12 अवैध गेस्ट हाउस चिन्हित किए गए। इनमें से 5 गेस्ट हाउस सील कर दिए गए हैं।
साकेत, नरेला और अन्य इलाकों में भी सख्ती
सैदुलाजाब क्षेत्र में 32 संपत्तियां चिन्हित की गई हैं, जिनमें से 8 पर सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हो चुकी है। सिविल लाइंस जोन में 7 और नरेला जोन में 8 संपत्तियां ध्वस्त की गई हैं।
सावित्री नगर, सैनिक फार्म और खानपुर में भी कार्रवाई की गई है। वहीं गौतम नगर में अवैध रूप से संचालित लाइब्रेरी वाले तीन बेसमेंट सील कर दिए गए हैं।
आने वाले दिनों में और तेज होगा अभियान
खिड़की एक्सटेंशन में 9 संपत्तियां चिन्हित की गई हैं, जिनमें से एक पर कार्रवाई हो चुकी है। अधिकारियों के अनुसार सैदुलाजाब की 32 और खिड़की एक्सटेंशन की 9 संपत्तियों पर आने वाले दिनों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।