नई दिल्ली। साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में आयोजित होने वाले 2027 पुरुष वनडे वर्ल्ड कप में अब 18 महीने से भी कम समय बचा है। हालांकि, टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के एक फैसले ने वर्ल्ड क्रिकेट में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है।
क्रिकेट स्कॉटलैंड और नीदरलैंड्स क्रिकेट बोर्ड ने आईसीसी द्वारा अंतिम समय में लागू किए गए नए ‘सुपर सीरीज’ (Super Series) फॉर्मेट के खिलाफ कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे एसोसिएट देशों के प्रति अपमानजनक बताया है।
क्या है ‘सुपर सीरीज’ और क्यों भड़के एसोसिएट देश?
आईसीसी ने हाल ही में 2027 वर्ल्ड कप के फॉर्मेट में अचानक संशोधन करते हुए ‘सुपर सीरीज स्टेज’ को जोड़ा है:
- नया नियम: क्वालिफिकेशन प्रक्रिया से आने वाली 12वीं, 13वीं और 14वीं टीम को आपस में एक अलग ट्राइ-सीरीज (सुपर सीरीज) खेलनी होगी।
- नुकसान: इस ट्राइ-सीरीज में जीतने वाली सिर्फ एक टीम ही मुख्य वर्ल्ड कप (12 टीमों के दो ग्रुप) का हिस्सा बन सकेगी।
- विरोध का कारण: एसोसिएट देशों का कहना है कि क्वालिफिकेशन साइकिल के बीच में नियम बदलकर उनके मुख्य टूर्नामेंट में पहुंचने के अवसरों को सीमित और कठिन बनाया जा रहा है।
‘दो बैठकों के बाद भी ICC का कोई जवाब नहीं’
स्कॉटलैंड और नीदरलैंड्स बोर्ड्स द्वारा जारी किए गए संयुक्त बयान में आईसीसी की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। बयान के मुताबिक:
“मेन क्वालिफिकेशन साइकिल के बीच में नियमों और फॉर्मेट को बदलना किसी भी टीम की वर्षों की कड़ी मेहनत को खारिज करने जैसा है। हमने आधिकारिक स्पष्टीकरण के लिए आईसीसी के साथ दो बैठकें कीं, लेकिन दो हफ्ते से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कोई लिखित जवाब नहीं मिला है।”
कप्तान और खिलाड़ी संगठन (WCA) भी विरोध में
इससे पहले नामीबिया, नीदरलैंड्स और स्कॉटलैंड के कप्तानों ने वर्ल्ड क्रिकेटर्स एसोसिएशन (WCA) के जरिए आईसीसी के इस कदम की आलोचना की थी।
गौरतलब है कि वर्ल्ड कप लीग-2 के जरिए यूएसए, स्कॉटलैंड, नीदरलैंड्स और ओमान जैसी टीमों ने वनडे वर्ल्ड कप क्वालिफायर के लिए स्थान पक्का कर लिया है, जबकि नामीबिया, कनाडा, नेपाल और यूएई की टीमें क्वालिफायर प्ले-ऑफ खेलेंगी। ऐसे में अचानक नियम बदलने से इन उभरते हुए क्रिकेट देशों में गहरा असंतोष व्याप्त है।