दिल्ली में शरद पवार के घर सोमवार रात एक ऐसा सियासी नजारा देखने को मिला, जो आम तौर पर संसद के बाहर कम ही दिखाई देता है। 6 जनपथ पर आयोजित शादी के रिसेप्शन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव समेत सत्ता और विपक्ष के कई बड़े चेहरे एक ही छत के नीचे नजर आए।
मौका था एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले की बेटी रेवती सुले और सारंग लखानी के वेडिंग रिसेप्शन का। पारिवारिक समारोह होने के बावजूद इसमें जुटी राजनीतिक हस्तियों ने दिल्ली के सियासी गलियारों में चर्चा तेज कर दी है।
पवार के साथ नजर आए पीएम मोदी
रिसेप्शन के कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं। एक वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शरद पवार के साथ बातचीत करते नजर आ रहे हैं। वहीं एक अन्य तस्वीर और वीडियो में गृह मंत्री अमित शाह भी शरद पवार के साथ बैठे दिखाई दिए।
इसी दौरान सोनिया गांधी और राहुल गांधी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। दोनों की अन्य मेहमानों के साथ बातचीत करते हुए तस्वीरें सामने आई हैं। कार्यक्रम में शामिल नेताओं ने नवविवाहित जोड़े और परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएं दीं।
एक मंच पर सत्ता और विपक्ष
संसद में जिन नेताओं के बीच राजनीतिक मुद्दों पर तीखी बयानबाजी देखने को मिलती है, वे इस पारिवारिक समारोह में अपेक्षाकृत अनौपचारिक अंदाज में नजर आए। पीएम मोदी और अमित शाह के साथ विपक्षी नेताओं की मौजूदगी ने इस आयोजन को राजनीतिक नजरिए से भी खास बना दिया।
हालांकि यह एक पारिवारिक कार्यक्रम था और नेताओं की मौजूदगी को उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए, लेकिन मौजूदा राजनीतिक माहौल में ऐसी तस्वीरें स्वाभाविक रूप से चर्चा का विषय बन गई हैं।
मोदी-पवार मुलाकात के बाद और बढ़ी चर्चा
इस समारोह की अहमियत इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एनसीपी (एसपी) के आठ सांसदों ने मुलाकात की थी। इनमें सुप्रिया सुले भी शामिल थीं। यह बैठक करीब 20 मिनट चली थी।
बैठक के बाद राजनीतिक गलियारों में एनसीपी (एसपी) और केंद्र सरकार के बीच संभावित राजनीतिक समीकरणों को लेकर अटकलें तेज हुईं। हालांकि पार्टी की ओर से साफ किया गया था कि सांसदों की पीएम मोदी से मुलाकात महाराष्ट्र से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए हुई थी।
परिसीमन को लेकर NCP (SP) का क्या रुख?
एनसीपी (एसपी) पहले ही परिसीमन से जुड़े प्रस्ताव को लेकर अपना रुख स्पष्ट कर चुकी है। पार्टी का कहना है कि वह प्रस्ताव का समर्थन तभी करेगी, जब उसकी अहम मांगों को बिल के मसौदे में शामिल किया जाए।
ऐसे में पीएम मोदी से एनसीपी (एसपी) सांसदों की मुलाकात और इसके तुरंत बाद शरद पवार के घर प्रधानमंत्री की मौजूदगी ने राजनीतिक चर्चाओं को और हवा दे दी है।
संसद में टकराव, पवार के घर मेल-जोल
दिल्ली में यह समारोह ऐसे समय हुआ, जब संसद में नीट पेपर लीक और परिसीमन जैसे मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव जारी है।
एक तरफ संसद के भीतर राजनीतिक दलों के बीच तीखी बहस और विरोध प्रदर्शन जारी हैं, वहीं दूसरी तरफ एक पारिवारिक समारोह में इन्हीं दलों के शीर्ष नेता साथ खड़े और बातचीत करते नजर आए। यही विरोधाभासी तस्वीर अब सोशल मीडिया से लेकर सियासी गलियारों तक चर्चा में है।
क्या बदल रहा है सियासी समीकरण?
फिलहाल इन मुलाकातों से किसी नए राजनीतिक समीकरण का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। लेकिन पीएम मोदी की शरद पवार से मुलाकात, NCP (SP) सांसदों की पीएम से बैठक और अब पवार के घर आयोजित समारोह में सत्ता-विपक्ष के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी ने राजनीतिक अटकलों को जरूर तेज कर दिया है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाले दिनों में परिसीमन और अन्य अहम मुद्दों पर एनसीपी (एसपी) का रुख क्या रहता है और क्या मोदी-पवार की यह बढ़ती सार्वजनिक नजदीकी किसी बड़े राजनीतिक संदेश में बदलती है।