वॉशिंगटन / तेहरान। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बार फिर कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा अल्टीमेटम दिया है। ट्रंप ने तेहरान से मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में हुए भारी नुकसान और मौतों के लिए आर्थिक मुआवजे की मांग की है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर जारी एक बयान में ट्रंप ने साफ कहा कि लेबनान, सीरिया, यमन और गाजा में हुए विनाश और जानमाल के नुकसान के लिए पूरी तरह से ईरान ही जिम्मेदार है।
‘यूएसएस कोल’ हमले से लेकर प्रदर्शनकारियों तक, ट्रंप ने गिनाया हिसाब
ट्रंप ने कहा कि ईरान अब खुद अमेरिका से मुआवजे की बात कर रहा है, जबकि पुरानी किसी भी बैठक या बातचीत में तेहरान ने ऐसी कोई शर्त नहीं रखी थी।
इसके जवाब में ट्रंप ने कहा, “मैं भी ईरान से उन सभी बेगुनाहों के लिए मुआवजे की मांग कर रहा हूं, जिन्हें तेहरान समर्थित गुटों ने अपनी हिंसक लड़ाइयों में मारा या घायल किया है।”
उन्होंने विशेष रूप से ऐतिहासिक ‘यूएसएस कोल’ (USS Cole) हमले में मारे गए अमेरिकी सैनिकों के परिवारों और पिछले पांच दशकों में ईरान के अंदर मारे गए प्रदर्शनकारियों का जिक्र किया।
ट्रंप के मुताबिक, बीते पांच महीनों में मारे गए लगभग 52,000 लोगों के परिवारों को भी तेहरान की तरफ से हर्जाना मिलना चाहिए।
भविष्य की बातचीत के लिए ट्रंप की नई शर्त
डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अपने प्रतिनिधियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि ईरान के साथ होने वाली किसी भी भविष्य की कूटनीतिक बातचीत में इस ‘मुआवजे की मांग’ को प्रमुख शर्त के रूप में शामिल किया जाए।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब तेहरान ने होर्मुज स्ट्रैट (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने के एवज में अमेरिका से हर्जाने की बात कही थी। ट्रंप की इस नई शर्त ने दोनों देशों के बीच कूटनीतिक गतिरोध को और बढ़ा दिया है।
ईरान की सैन्य तैयारी: खामेनेई का पलटवार
दूसरी तरफ, ट्रंप के इस कड़े रुख के बीच ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह मोजतबा खामेनेई ने देश की सैन्य क्षमताओं को और मजबूत करने का संकल्प दोहराया है।
खामेनेई ने ईरानी सेना और ‘बासिज’ (Basij) बल को किसी भी पारंपरिक या आधुनिक खतरे का त्वरित और क्रांतिकारी जवाब देने के लिए तैयार रहने को कहा है। इसके साथ ही, ईरान ने अपनी सेना के जनरल स्टाफ और खतम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर्स के एकीकरण (Integration) की प्रक्रिया को तेज कर दिया है ताकि बाहरी हमलों से देश की सुरक्षा को पुख्ता किया जा सके।