नई दिल्ली: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जिम्मेदारियां अपने-अपने देशों में बेहद अहम हैं, लेकिन दोनों के मासिक वेतन में बड़ा अंतर है। इजरायल में हाल ही में वेतन संशोधन के बाद नेतन्याहू की मासिक सैलरी करीब 18 लाख रुपये हो गई है। वहीं, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हर महीने लगभग 2.80 लाख रुपये वेतन और भत्ते मिलते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर इजरायल के प्रधानमंत्री की सैलरी इतनी ज्यादा क्यों है और वहां राष्ट्रपति को प्रधानमंत्री से भी अधिक वेतन क्यों मिलता है?
दो साल बाद बढ़ी नेतन्याहू की सैलरी
इजरायल में पिछले दो वर्षों से भू-राजनीतिक तनाव और क्षेत्रीय युद्ध की परिस्थितियों के कारण शीर्ष प्रशासनिक पदों और अधिकारियों के वेतन में बढ़ोतरी पर रोक लगी हुई थी। हाल ही में इस रोक को हटाकर नया वेतन संशोधन लागू किया गया। इसके तहत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों के वेतन में वृद्धि की गई है।
इस संशोधन के बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की मासिक आय में भी इजाफा हुआ है। इससे पहले उन्हें हर महीने 55,812 शेकेल मिलते थे। करीब 6 हजार शेकेल की बढ़ोतरी के बाद उनका मासिक वेतन अब 61,491 शेकेल हो गया है। भारतीय मुद्रा में इसकी कीमत लगभग 18 लाख रुपये बैठती है।
इजरायल में प्रधानमंत्री से ज्यादा किसे मिलती है सैलरी?
इजरायल में प्रधानमंत्री ही सबसे अधिक वेतन पाने वाले संवैधानिक पदाधिकारी नहीं हैं। वहां राष्ट्रपति का वेतन प्रधानमंत्री से ज्यादा है। राष्ट्रपति यित्जाक बोजी हर्जोग की मासिक सैलरी पहले 64,564 शेकेल थी, जिसे बढ़ाकर 71,082 शेकेल कर दिया गया है। भारतीय रुपये में यह रकम करीब 21 लाख रुपये होती है।
इस तरह नए वेतन संशोधन के बाद इजरायल के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की मासिक सैलरी के बीच भी अंतर बढ़ गया है।
मंत्रियों और सांसदों की सैलरी में भी हुई बढ़ोतरी
इजरायल में वेतन संशोधन का लाभ सिर्फ प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति तक सीमित नहीं रहा। कैबिनेट मंत्रियों की मासिक सैलरी भी बढ़ाई गई है। पहले मंत्रियों को 49,850 शेकेल मिलते थे, जो अब बढ़कर 54,957 शेकेल हो गए हैं। भारतीय मुद्रा में यह करीब 16 लाख रुपये प्रतिमाह है।
वहीं, उप-मंत्रियों का मासिक पारिश्रमिक बढ़कर लगभग 48 हजार शेकेल हो गया है। इसके अलावा सांसदों के रुके हुए भत्ते भी हाल ही में जारी किए गए हैं।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कितनी मिलती है सैलरी?
अब बात भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सैलरी की करें तो यहां प्रधानमंत्री का वेतन संसद सदस्य के वेतन और विभिन्न भत्तों के आधार पर निर्धारित होता है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, प्रधानमंत्री को हर महीने करीब 2.80 लाख रुपये वेतन और भत्ते मिलते हैं।
इस हिसाब से उनकी सालाना आय लगभग 33.6 लाख रुपये होती है। इसमें सांसद के रूप में मिलने वाला मूल वेतन, निर्वाचन क्षेत्र भत्ता, दैनिक भत्ता और सत्कार भत्ता जैसी मदें शामिल हैं।
सैलरी के अलावा दोनों प्रधानमंत्रियों को मिलती हैं सरकारी सुविधाएं
प्रधानमंत्री का पद सिर्फ वेतन तक सीमित नहीं होता। भारत में प्रधानमंत्री को आधिकारिक आवास, सुरक्षा, सरकारी वाहन और देश-विदेश की यात्राओं के लिए विशेष विमान जैसी सुविधाएं दी जाती हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आधिकारिक आवास नई दिल्ली के 7, लोक कल्याण मार्ग पर है। उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) के पास है। इसके अलावा आधिकारिक यात्राओं के लिए एयर इंडिया वन, बख्तरबंद वाहन, सरकारी चिकित्सा सुविधाएं और प्रधानमंत्री कार्यालय का स्टाफ भी उपलब्ध कराया जाता है।
इसी तरह इजरायल के शीर्ष पदों पर बैठे नेताओं को भी सुरक्षा, आवास और आधिकारिक यातायात जैसी सरकारी सुविधाएं मिलती हैं। यानी दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों की तुलना केवल मासिक वेतन से नहीं की जा सकती, क्योंकि उनके पद से जुड़ी सरकारी सुविधाएं और प्रशासनिक व्यवस्थाएं भी अलग-अलग हैं।