Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Reading: देश का पहला Passive Euthanasia केस AIIMS में खत्म हुआ लंबा संघर्ष, हरिश राणा केस ने बदल दी इच्छामृत्यु पर बहस लेकिन…
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > Trending News > देश का पहला Passive Euthanasia केस AIIMS में खत्म हुआ लंबा संघर्ष, हरिश राणा केस ने बदल दी इच्छामृत्यु पर बहस लेकिन…
Trending Newsअन्य

देश का पहला Passive Euthanasia केस AIIMS में खत्म हुआ लंबा संघर्ष, हरिश राणा केस ने बदल दी इच्छामृत्यु पर बहस लेकिन…

news desk
Last updated: March 24, 2026 5:35 pm
news desk
Share
पैसिव यूथेनेशिया हरिश राणा केस
पैसिव यूथेनेशिया हरिश राणा केस
SHARE

नई दिल्ली: देश में पहली बार passive euthanasia की इजाजत पाने वाले 32 वर्षीय हरिश राणा का आज All India Institute of Medical Sciences (AIIMS दिल्ली) में निधन हो गया। वे पिछले 13 सालों से वेजिटेटिव स्टेट में थे, यानी बिना होश के जिंदगी जी रहे थे।

Contents
कैसे शुरू हुआ यह मामला?भावुक विदाईक्यों अहम है यह मामला?

कुछ दिन पहले ही Supreme Court of India ने एक ऐतिहासिक फैसले में उन्हें “Right to Die with Dignity” यानी सम्मान के साथ मरने का अधिकार दिया था। कोर्ट की मंजूरी के बाद उन्हें गाजियाबाद से AIIMS शिफ्ट किया गया, जहां डॉक्टरों ने धीरे-धीरे वेंटिलेटर और बाकी लाइफ सपोर्ट सिस्टम हटाने की प्रक्रिया शुरू की।

कैसे शुरू हुआ यह मामला?

कहानी 2013 से शुरू होती है, जब हरिश राणा सिर्फ 20 साल के थे और पंजाब यूनिवर्सिटी में B.Tech पढ़ रहे थे। रक्षा बंधन के दिन चंडीगढ़ में चौथी मंजिल से गिरने के बाद उन्हें गंभीर ब्रेन इंजरी हुई। इसके बाद वे पूरी तरह लकवाग्रस्त हो गए और तब से ही वेजिटेटिव स्टेट में चले गए।

करीब 13 साल तक परिवार ने उनकी देखभाल की, लेकिन जुलाई 2024 में उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। दिल्ली हाई कोर्ट से राहत नहीं मिली, लेकिन आखिरकार मार्च 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें passive euthanasia की अनुमति दे दी।

भावुक विदाई

जब AIIMS में इलाज हटाने की प्रक्रिया शुरू हुई, तो परिवार ने बेहद भावुक अंदाज में बेटे से कहा — “सबको माफ कर दो… अब समय हो गया है जाने का।”

यह पल न सिर्फ परिवार के लिए, बल्कि इस पूरे केस को देखने वाले हर शख्स के लिए भावुक कर देने वाला था।

क्यों अहम है यह मामला?

यह केस इसलिए खास है क्योंकि पहली बार Supreme Court of India के 2018 के Common Cause फैसले को जमीन पर लागू किया गया। उसी फैसले में passive euthanasia को संवैधानिक अधिकार माना गया था।

यह भी साफ है कि भारत में सिर्फ passive euthanasia (यानी इलाज हटाना) की अनुमति है, जबकि active euthanasia (सीधे दवा देकर मौत) अभी भी गैरकानूनी है।

AIIMS के डॉक्टरों के मुताबिक पूरी प्रक्रिया मेडिकल प्रोटोकॉल और कानूनी नियमों के तहत की गई। हरिश राणा की कहानी दर्द, संघर्ष और आखिर में एक कठिन लेकिन “गरिमा भरे फैसले” की कहानी बन गई है। यह मामला आने वाले समय में ऐसे कई मामलों के लिए मिसाल बन सकता है।

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: AIIMS Delhi, End of Life Care, Harish Rana case, Health Law India, Human Rights India, Indian Judiciary, Landmark Case India, Legal News India, Medical Ethics India, Passive Euthanasia India, Right to Die India, Right to Die with Dignity, Supreme Court India, इच्छामृत्यु कानून, पैसिव यूथेनेशिया
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article PVVNL स्मार्ट मीटर समस्या PVVNL स्मार्ट मीटर घोटाला या टेक्निकल फेलियर? थर्ड पार्टी रिचार्ज पर ‘नो एंट्री’, नेगेटिव बैलेंस से बिजली कटी, उपभोक्ता पूछ रहे – पेमेंट कहाँ करें?
Next Article केरल पुलिस सोशल मीडिया नोटिस चुनाव से पहले सोशल मीडिया पर शिकंजा,“पोस्ट हटाओ वरना कार्रवाई होगी” — Kerala Police की X को सख्त चेतावनी!

फीचर

View More

8-9 तीव्रता के भूकंप झेल गए कई देश, फिर 7 तीव्रता के झटकों ने वेनेजुएला को क्यों हिला दिया? जानिए इतिहास के 10 सबसे विनाशकारी भूकंपों की पूरी कहानी

काराकास: धरती के भीतर मौजूद टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल जब तेज होती है, तो उसका असर भूकंप के रूप में…

By vineet verma 8 Min Read

आसमान साफ, फिर भी मौसम विभाग कैसे बता देता है बारिश? जानिए बादलों से पहले कैसे पकड़ ली जाती है बारिश की आहट

नई दिल्ली : कई बार आसमान बिल्कुल साफ दिखाई देता है, तेज…

5 Min Read

NDA Power Shift: नीतीश-नायडू का ‘किंगमेकर’ टैग खतरे में? विपक्ष की टूट से बढ़ा PM मोदी का कुनबा, बदल गया दिल्ली का समीकरण!

भारतीय राजनीति के गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर एनडीए…

4 Min Read

विचार

View More

अमीर पति बनेगा सहारा या मुसीबत? डेटिंग ऐप CEO की सलाह से छिड़ी बहस, महिलाओं से कहा- ‘कमाई का अंतर ज्यादा हो तो सोचिए’

नई दिल्ली: शादी और रिश्तों को लेकर एक वायरल पोस्ट…

June 9, 2026

मानसून की दस्तक में फिर देरी, आखिर कब पहुंचेगा केरल? जानिए क्यों बार-बार बदल रही है IMD की तारीख

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों…

June 4, 2026

रिंकू का ओवर और राइवलरी का बदलता अर्थ: क्या भारत–पाक मुकाबले से गायब हो गई वो अनिश्चितता?

रिंकू का ओवर और राइवलरी का…

February 16, 2026

भाग-3 : सत्याग्रह का दार्शनिक आधार: टॉल्स्टॉय, गीता और जैन अहिंसा

वैश्विक गांधी: Mandela, King, Einstein ...गांधी…

February 5, 2026

महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर विशेष : दक्षिण अफ़्रीका-अपमान, प्रतिरोध और सत्याग्रह का जन्म

1893 में जब महात्मा गांधी दक्षिण…

January 30, 2026

You Might Also Like

Trending Newsलाइफस्टाइल

 हेल्दी समझकर खरीद रहे हैं ये प्रोडक्ट्स!  FSSAI की चेतावनी के बाद खुली ब्रांड्स की पोल

आजकल बाजार में "Healthy", "100% Natural", "Sugar Free" और "High Protein" जैसे बड़े-बड़े दावों वाले पैकेट फूड की भरमार है।…

2 Min Read
Trending Newsफीचर

8-9 तीव्रता के भूकंप झेल गए कई देश, फिर 7 तीव्रता के झटकों ने वेनेजुएला को क्यों हिला दिया? जानिए इतिहास के 10 सबसे विनाशकारी भूकंपों की पूरी कहानी

काराकास: धरती के भीतर मौजूद टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल जब तेज होती है, तो उसका असर भूकंप के रूप में…

8 Min Read
Trending Newsउत्तर प्रदेश

इलाहाबाद हाईकोर्ट की यूपी सरकार के फैसले पर अंतरिम रोक! ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाने का आदेश कानूनन माना गलत

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार के उस फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी है, जिसके तहत गाँव के प्रधानों…

4 Min Read
Trending Newsअन्य

Apple का नया मास्टरस्ट्रोक! फोन और वॉच के बाद अब उंगली में समाएगी दुनिया, सैमसंग गैलेक्सी रिंग को कड़ी टक्कर देने आ रही है ‘iRing’

आईफोन, मैकबुक और एपल वॉच जैसी कल्ट डिवाइसेज से दुनिया को दीवाना बनाने के बाद, अब टेक जायंट एपल वियरेबल…

3 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?