महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित तख्त श्री हजूर साहिब के पास जानलेवा हमले में घायल हुए शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है।
अस्पताल में इलाज के बाद सुखबीर सिंह बादल ने कड़े शब्दों में कहा कि न तो वे किसी से डरते हैं और न ही पंजाब में शांति और सांप्रदायिक सद्भाव को भंग होने देंगे।
गौरतलब है कि गुरुवार (13 अगस्त) को नांदेड़ में गुरुद्वारा माता साहिब देवान जी मुगत के पास एक निहंग द्वारा कृपाण से किए गए हमले में सुखबीर सिंह बादल घायल हो गए थे, जिसके बाद उनके दाहिने हाथ में 2 से 3 टांके आए हैं।
‘पवित्र स्थानों पर हुआ हमला, पर परमात्मा बचा लेता है’
हमले के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा:
“जिसके सिर पर गुरु साहिब का हाथ हो, उसे कोई आंच नहीं आ सकती। आप जितना मर्जी जोर लगा लें, सब परमात्मा के हाथ में है। मैं गुरु गोविंद सिंह महाराज का धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने अपनी धरती पर रक्षा की। देश और पंजाब में अमन-शांति के दुश्मनों ने बड़ी साजिश रची थी, लेकिन गुरु साहिब ने बचा लिया।”
उन्होंने भावुक होते हुए आगे कहा, “दोनों बार दुश्मनों ने मुझ पर सबसे पवित्र स्थानों पर हमला किया—पहली बार स्वर्ण मंदिर में और दूसरी बार तख्त हजूर साहिब में। लेकिन न मैं डरता हूं, न कभी डरा हूं।”
‘पंजाब की शांति भंग करना है मकसद’
अकाली दल प्रमुख ने आरोप लगाया कि इस हमले के पीछे पंजाब के माहौल को खराब करने और भाईचारे को नुकसान पहुंचाने की साजिश है।
- पंजाब और देश की तरक्की प्राथमिकता: सुखबीर बादल ने स्पष्ट किया कि अकाली दल पंजाब में सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए हर कुर्बानी देने को तैयार है।
- विरासत का जिक्र: उन्होंने कहा कि उनके पिता (दिवंगत प्रकाश सिंह बादल) ने भी कभी पंजाब की शांति से समझौता नहीं किया था और वे भी अध्यक्ष के रूप में ऐसा कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे।
पुलिस कार्रवाई: 60 वर्षीय सेवादार गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, हमले की घटना नांदेड़ शहर के बाहरी इलाके में घटी। हमलावर की पहचान जसपाल सिंह (उम्र 60-62 वर्ष) के रूप में हुई है, जो गुरुद्वारा परिसर में सेवादार के रूप में काम कर रहा था।
वारदात के तुरंत बाद पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां आरोपी से पूछताछ कर रही हैं कि इस हमले के पीछे कोई बड़ा सिंडिकेट या सोची-समझी साजिश तो नहीं थी।