नई दिल्ली: भागदौड़ भरी जिंदगी, काम का बढ़ता दबाव और लगातार मानसिक तनाव लोगों के स्वभाव पर असर डाल रहा है। कई लोग छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा करने लगते हैं, बिना वजह चिड़चिड़ापन महसूस करते हैं या दिनभर मानसिक थकान से जूझते रहते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी समस्याओं से राहत पाने के लिए योग एक प्रभावी और प्राकृतिक उपाय साबित हो सकता है।
विश्व योग दिवस 2026 नजदीक आने के बीच आयुष मंत्रालय भी लोगों से योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील कर रहा है। मंत्रालय का कहना है कि सही योगासन और नियंत्रित श्वास अभ्यास मानसिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार योग केवल शरीर को फिट रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाता है। नियमित योगाभ्यास से तनाव कम होता है, भावनात्मक संतुलन बना रहता है और मन को शांति मिलती है।
योग के दौरान गहरी सांस लेने की प्रक्रिया मस्तिष्क को अधिक ऑक्सीजन पहुंचाने में मदद करती है, जिससे तनाव और नकारात्मक विचारों का प्रभाव कम हो सकता है।
वीरभद्रासन, जिसे वॉरियर पोज भी कहा जाता है, मानसिक और शारीरिक मजबूती बढ़ाने वाला योगासन माना जाता है। यह आसन आत्मविश्वास को मजबूत करने के साथ नकारात्मक ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने में मदद करता है।
तनाव और गुस्से की स्थिति में इसका नियमित अभ्यास मानसिक संतुलन बनाए रखने में सहायक हो सकता है।
बालासन या चाइल्ड पोज को सबसे शांतिदायक योग मुद्राओं में गिना जाता है। जब मन बेचैन हो या चिड़चिड़ापन बढ़ जाए, तब यह आसन राहत पहुंचाने में मदद कर सकता है।
इस योगासन से मस्तिष्क को आराम मिलता है और शरीर में जमा तनाव धीरे-धीरे कम होने लगता है। नियमित अभ्यास से मानसिक शांति का अनुभव हो सकता है।
पद्मासन, जिसे कमल आसन या लोटस पोज भी कहा जाता है, ध्यान और मानसिक एकाग्रता के लिए बेहद उपयोगी माना जाता है।
इस आसन का नियमित अभ्यास मन की चंचलता को कम करने, भावनाओं पर नियंत्रण बढ़ाने और गुस्से को शांत रखने में सहायक हो सकता है। ध्यान के साथ इसका अभ्यास मानसिक स्थिरता प्रदान करता है।
अर्ध चक्रासन रीढ़ और कमर को मजबूत बनाने के साथ-साथ मानसिक तनाव कम करने में भी मददगार माना जाता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक यह आसन मन को स्थिर रखने और दिनभर की मानसिक थकान को दूर करने में सहायक हो सकता है। नियमित अभ्यास से शरीर में ऊर्जा और ताजगी का एहसास बढ़ता है।
योग विशेषज्ञों का कहना है कि अगर किसी व्यक्ति को बार-बार गुस्सा आता है, चिड़चिड़ापन बना रहता है या मानसिक थकान महसूस होती है, तो उसे रोजाना कम से कम 10 से 15 मिनट योग के लिए जरूर निकालना चाहिए।
योग के साथ गहरी सांस लेने की तकनीक अपनाने से तनाव कम करने, मूड बेहतर बनाने और मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
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