नई दिल्ली: फिट रहने के लिए रोज सुबह जिम जाना ही एकमात्र विकल्प नहीं है। अगर समय की कमी, व्यस्त दिनचर्या या किसी अन्य वजह से आप जिम नहीं जा पाते, तो घर पर कुछ मिनट योग का अभ्यास भी शरीर को सक्रिय और ऊर्जावान बनाए रखने में मदद कर सकता है। सुबह किए गए आसान योगासन शरीर में रक्त संचार बेहतर करने, रातभर की जकड़न कम करने और मांसपेशियों को सक्रिय करने में सहायक हो सकते हैं। नियमित अभ्यास से शरीर का संतुलन, लचीलापन और पोश्चर बेहतर बनाने में भी मदद मिलती है। ऐसे में ताड़ासन और वृक्षासन दो ऐसे आसान योगासन हैं, जिन्हें शुरुआती लोग भी आसानी से अपनी दिनचर्या में शामिल कर सकते हैं।
ताड़ासन देखने में भले ही आसान लगे, लेकिन यह पूरे शरीर को सक्रिय करने वाला प्रभावी योगासन माना जाता है। इसके नियमित अभ्यास से रीढ़ की हड्डी सीधी रखने, पैरों, जांघों और टखनों की मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद मिल सकती है। लंबे समय तक बैठकर काम करने वाले लोगों के लिए यह शरीर की अकड़न कम करने में भी सहायक हो सकता है।
सबसे पहले सीधे खड़े होकर दोनों पैरों के बीच हल्का अंतर रखें। हाथों को शरीर के पास रखें। अब सांस लेते हुए दोनों हाथ ऊपर उठाएं और हथेलियों को आमने-सामने रखें या जोड़ लें। इसके बाद एड़ियों को ऊपर उठाकर पंजों के बल खड़े होने की कोशिश करें और पूरे शरीर को ऊपर की ओर खींचें। सामान्य सांस लेते हुए 15 से 30 सेकंड तक इसी मुद्रा में रहें। फिर सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लौट आएं। इस अभ्यास को 3 से 5 बार दोहराया जा सकता है।
वृक्षासन शरीर के संतुलन और एकाग्रता को बेहतर बनाने वाला सरल योगासन है। शुरुआत करने वाले लोग इसे दीवार के सहारे भी कर सकते हैं। इसके नियमित अभ्यास से पैरों की मांसपेशियां मजबूत हो सकती हैं, शरीर का संतुलन बेहतर बन सकता है और कोर मांसपेशियों को सक्रिय रखने में मदद मिलती है। साथ ही लंबे समय तक खड़े रहने की क्षमता भी बेहतर हो सकती है।
सीधे खड़े होकर दोनों पैरों पर बराबर वजन रखें। अब दाएं पैर को उठाकर बाएं पैर की जांघ के अंदर रखें। यदि शुरुआत कर रहे हैं तो पैर पिंडली पर भी रख सकते हैं, लेकिन घुटने पर नहीं रखें। दोनों हाथों को नमस्कार की मुद्रा में जोड़ लें और सामने किसी एक बिंदु पर नजर टिकाएं। सामान्य सांस लेते हुए 20 से 30 सेकंड तक इसी स्थिति में रहें। इसके बाद पैर नीचे रखें और यही प्रक्रिया दूसरे पैर से दोहराएं।
योग का अभ्यास हमेशा खाली पेट या हल्का भोजन करने के 2 से 3 घंटे बाद करें। शुरुआत में शरीर पर जरूरत से ज्यादा दबाव न डालें। यदि अभ्यास के दौरान चक्कर आए या असहज महसूस हो तो तुरंत रुक जाएं। घुटने, टखने या रीढ़ की गंभीर समस्या होने पर पहले डॉक्टर या प्रशिक्षित योग विशेषज्ञ की सलाह लें। वृक्षासन के दौरान संतुलन बनाने में कठिनाई हो तो दीवार का सहारा लिया जा सकता है। पूरे अभ्यास के दौरान सामान्य गति से सांस लेते रहें और तेज दर्द महसूस होने पर योग करना बंद कर दें।
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