सेहत

हर दिन बनती है गैस और एसिडिटी? इसे मामूली समझने की भूल पड़ सकती है भारी, डॉक्टर ने बताए पेट की इस परेशानी के बड़े कारण

नई दिल्ली: मसालेदार या भारी भोजन के बाद गैस और एसिडिटी होना आम बात मानी जाती है, लेकिन अगर यह समस्या रोजाना होने लगे तो इसे नजरअंदाज करना ठीक नहीं है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, बार-बार गैस, ब्लोटिंग और एसिडिटी शरीर में पाचन तंत्र से जुड़ी किसी गड़बड़ी का संकेत भी हो सकती है। ऐसे में इसके पीछे की वजह जानना और समय रहते सावधानी बरतना जरूरी है।

किन वजहों से बार-बार होती है गैस और एसिडिटी?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ के अनुसार, लगातार गैस, ब्लोटिंग और एसिडिटी के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें सबसे बड़ा कारण खानपान और जीवनशैली से जुड़ी गलत आदतें मानी जाती हैं।

गैस बनाने वाले खाद्य पदार्थ भी बन सकते हैं वजह

अगर रोजाना गैस और एसिडिटी की समस्या बनी रहती है, तो सबसे पहले अपनी डाइट पर ध्यान देना चाहिए। राजमा, पत्ता गोभी, फूलगोभी और ब्रोकली जैसे कुछ खाद्य पदार्थ कई लोगों में गैस बनने की वजह बन सकते हैं। इसके अलावा तली-भुनी चीजें, अधिक तेल वाला भोजन और शीतल पेय भी पेट में गैस और एसिडिटी बढ़ा सकते हैं।

खाने की गलत आदतें बिगाड़ सकती हैं पाचन

बहुत तेजी से खाना खाना, भोजन करते समय लगातार बातें करना, एक बार में जरूरत से ज्यादा खाना या देर रात भोजन करना भी पाचन तंत्र पर असर डाल सकता है। ऐसी आदतों की वजह से गैस, ब्लोटिंग और एसिडिटी की समस्या बार-बार हो सकती है।

खराब गट हेल्थ भी है बड़ा कारण

विशेषज्ञ बताते हैं कि लगातार जंक फूड, पैकेज्ड फूड और ज्यादा मीठी चीजों का सेवन आंतों की सेहत को प्रभावित कर सकता है। इससे अच्छे बैक्टीरिया की संख्या कम होने लगती है और पाचन तंत्र कमजोर पड़ सकता है। जब भोजन ठीक से नहीं पचता, तो गैस और एसिडिटी जैसी समस्याएं बढ़ने लगती हैं।

तनाव और चिंता का भी पड़ता है असर

मानसिक तनाव और चिंता का असर केवल दिमाग तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पाचन तंत्र पर भी पड़ता है। तनाव बढ़ने पर पेट और मस्तिष्क के बीच का संतुलन प्रभावित हो सकता है, जिससे पेट में एसिड का स्तर बढ़ जाता है। इसके कारण गैस, ब्लोटिंग और एसिडिटी की परेशानी बार-बार हो सकती है।

लगातार समस्या हो तो लापरवाही न करें

अगर गैस और एसिडिटी की शिकायत लगातार बनी रहती है और खानपान में बदलाव के बाद भी राहत नहीं मिलती, तो इसे सामान्य मानकर टालना नहीं चाहिए। समय रहते विशेषज्ञ की सलाह लेना और सही कारण की जांच कराना जरूरी हो सकता है।

 

vineet verma

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