नई दिल्ली: मानसून का मौसम पहाड़ों, घाटियों और जंगलों की खूबसूरती को कई गुना बढ़ा देता है। चारों ओर फैली हरियाली, बादलों से घिरे पहाड़ और प्राकृतिक नजारों के बीच ट्रेकिंग का अनुभव और भी यादगार बन जाता है। अगर आप अगस्त में एडवेंचर ट्रिप की योजना बना रहे हैं, तो भारत के कुछ बेहतरीन ट्रेकिंग रूट्स आपके सफर को खास बना सकते हैं। इन रास्तों पर आपको बर्फ से ढकी चोटियां, घास के मैदान, झीलें और घने जंगलों का मनमोहक दृश्य देखने को मिलेगा।
उत्तराखंड की वैली ऑफ फ्लावर्स मानसून के दौरान अपनी सबसे खूबसूरत छटा बिखेरती है। रंग-बिरंगे फूलों से सजी यह घाटी प्रकृति प्रेमियों और ट्रेकिंग के शौकीनों के लिए शानदार विकल्प मानी जाती है। यह ट्रेक गोविंदघाट से शुरू होकर घांघरिया के रास्ते वैली ऑफ फ्लावर्स तक पहुंचता है।
जम्मू-कश्मीर का तरसर-मारसर ट्रेक प्राकृतिक खूबसूरती और रोमांच का बेहतरीन संगम है। इस ट्रेक के दौरान हरे-भरे घास के मैदान, घने जंगल, बर्फ से ढकी चोटियां और अल्पाइन झीलों का मनमोहक दृश्य देखने को मिलता है। तरसर और मारसर झीलें इस ट्रेक की सबसे बड़ी आकर्षण हैं।
हम्पटा पास ट्रेक हिमाचल प्रदेश के सबसे लोकप्रिय ट्रेकिंग रूट्स में गिना जाता है। मनाली से शुरू होने वाला यह ट्रेक जंगलों, घास के मैदानों और ग्लेशियर वाली घाटियों से होकर गुजरता है। कुल्लू घाटी की हरियाली और स्पीति के बंजर पहाड़ी इलाकों का अनोखा संगम इसे खास बनाता है।
अगर आप प्राकृतिक झीलों और पहाड़ों के अद्भुत नजारे देखना चाहते हैं, तो कश्मीर ग्रेट लेक्स ट्रेक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। सोनमर्ग से शुरू होने वाला यह ट्रेक रोमांच से भरपूर माना जाता है। रास्ते में दिखाई देने वाली खूबसूरत झीलें और वादियां इस सफर को यादगार बना देती हैं।
मनाली से शुरू होने वाला भृगु लेक ट्रेक अपेक्षाकृत छोटा जरूर है, लेकिन खूबसूरती के मामले में किसी से कम नहीं। घने जंगलों और घास के मैदानों से गुजरते हुए यह ट्रेक ऊंचाई पर स्थित भृगु झील तक पहुंचता है। बदलते रंगों वाली यह झील और आसपास की बर्फीली चोटियां पर्यटकों को खास आकर्षित करती हैं।
हिमालय की प्राकृतिक सुंदरता को करीब से देखने के लिए ब्यास कुंड ट्रेक शानदार विकल्प माना जाता है। सोलंग वैली से शुरू होने वाला यह ट्रेक ब्यास नदी के किनारे-किनारे उसके उद्गम स्थल ब्यास कुंड तक पहुंचता है। रास्ते में घने जंगल, हरे-भरे मैदान और हिमालय की ऊंची चोटियां इस सफर को रोमांचक बना देती हैं।
मानसून के दौरान पहाड़ी इलाकों में मौसम तेजी से बदल सकता है। ऐसे में ट्रेक पर निकलने से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें और जरूरी सुरक्षा उपकरणों के साथ ही यात्रा की योजना बनाएं। सही तैयारी के साथ किया गया ट्रेकिंग सफर सुरक्षित होने के साथ यादगार भी बन सकता है।
नई दिल्ली: घर का किचन केवल भोजन बनाने की जगह नहीं माना जाता, बल्कि इसे…
नई दिल्ली: भगवान शिव की आराधना के सबसे पवित्र महीनों में शामिल सावन का इंतजार…
नई दिल्ली: मसालेदार या भारी भोजन के बाद गैस और एसिडिटी होना आम बात मानी…
नई दिल्ली: नौकरी बदलने के बाद कई कर्मचारियों के एक से अधिक भविष्य निधि खाते…
नई दिल्ली: योग केवल शरीर को फिट रखने का माध्यम नहीं, बल्कि शारीरिक और मानसिक…
नई दिल्ली: आधुनिक जीवनशैली में घंटों कुर्सी पर बैठकर काम करना आम बात हो गई…