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ट्रायल में नंबर-1, फिर भी एशियन गेम्स से OUT… सपना टूटा तो दिव्यांशी ने मांगी मां-बाप से माफी

एक तरफ था देश के लिए एशियन गेम्स में उतरने का सपना और दूसरी तरफ टीम से बाहर होने की खबर ने सब कुछ बदल दिया। भारतीय वुशु खिलाड़ी दिव्यांशी चौधरी का एक भावुक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह अपने माता-पिता से माफी मांगती नजर आ रही हैं। दिव्यांशी को मेडिकल अनफिट होने के कारण एशियन गेम्स की टीम से बाहर किया गया है। इसके बाद सामने आए उनके वीडियो ने सोशल मीडिया पर लोगों को चिंता में डाल दिया है।

सपना टूटने से निराश हुईं दिव्यांशी

दिव्यांशी ने वीडियो में अपनी निराशा जाहिर करते हुए बताया कि उन्होंने एशियन गेम्स के लिए लंबे समय तक कड़ी मेहनत की थी। इस बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करना उनका सपना था।

लेकिन टीम से बाहर होने की खबर ने उन्हें गहरा झटका दिया। वीडियो में उनकी आवाज और चेहरे पर निराशा साफ नजर आती है।

सोशल मीडिया पर जारी किया भावुक वीडियो

टीम से बाहर होने के बाद दिव्यांशी ने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो साझा किया। इसमें उन्होंने अपने माता-पिता से माफी मांगी और अपनी बेहद कठिन मानसिक स्थिति के बारे में बात की।

उन्होंने बताया कि एशियन गेम्स में देश के लिए खेलना उनके लिए बेहद गर्व का पल होता, लेकिन टीम से बाहर होने के बाद उनकी उम्मीदों को बड़ा झटका लगा।

ट्रायल जीतने के बाद भी टीम से हुईं बाहर

भारतीय वुशु खिलाड़ी दिव्यांशी चौधरी को चोट और मेडिकल अनफिट होने के कारण एशियन गेम्स की टीम से बाहर किया गया है। स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) की मेडिकल जांच में उनकी ACL चोट की पुष्टि होने के बाद उन्हें फिट नहीं पाया गया। इसके बाद उनकी जगह रोशिबीना देवी को टीम में शामिल किया गया।

हालांकि, दिव्यांशी ने फेडरेशन के फैसले को नकारा हैं। दिव्यांशी का दावा है कि उन्होंने ट्रायल जीतकर नंबर-1 स्थान हासिल किया था और वह फिट थीं। उन्होंने फेडरेशन पर पक्षपात और धोखाधड़ी के आरोप भी लगाए हैं।

फेडरेशन ने मेडिकल रिपोर्ट का दिया हवाला

वुशु एसोसिएशन ऑफ इंडिया के CEO सुहेल अहमद ने कहा कि दिव्यांशी को मेडिकल कारणों से टीम से बाहर किया गया है। द न्यू इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में बताया कि SAI ने कैंप के दौरान दिव्यांशी की मेडिकल जांच की थी, जिसमें लिगामेंट से जुड़ी समस्या सामने आई।

सुहेल अहमद के मुताबिक, फेडरेशन के लिए यह फैसला आसान नहीं था, क्योंकि दिव्यांशी से काफी उम्मीदें थीं। उन्होंने कहा कि आखिरी समय में खिलाड़ी का चोटिल होना दुखद है, लेकिन नियमों के तहत चोटिल खिलाड़ी को एशियन गेम्स के लिए नहीं भेजा जा सकता।

दिव्यांशी चौधरी का मामला अब चयन प्रक्रिया और मेडिकल फिटनेस को लेकर चर्चा में है। एक ओर SAI की जांच में चोट की बात सामने आई है, वहीं दिव्यांशी फेडरेशन के फैसले पर सवाल उठा रही हैं। फेडरेशन ने नियमों का हवाला दिया है। अब देखना होगा कि इस विवाद पर आगे क्या सफाई सामने आती है और दिव्यांशी के आरोपों की जांच किस तरह होती है।

news desk

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