नई दिल्ली: भगवान शिव की आराधना के सबसे पवित्र महीनों में शामिल सावन का इंतजार हर शिव भक्त बेसब्री से करता है। इस बार भी सावन की शुरुआत को लेकर लोगों के बीच भ्रम बना हुआ है। कई लोग 29 जुलाई को सावन का पहला दिन मान रहे हैं, जबकि कुछ 30 जुलाई को। ऐसे में अगर आप भी सही तिथि जानना चाहते हैं, तो पंचांग के अनुसार पूरी जानकारी यहां जान सकते हैं।
पंचांग के अनुसार श्रावण माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि 29 जुलाई की रात 8 बजकर 5 मिनट पर शुरू होगी और 30 जुलाई की रात 9 बजकर 30 मिनट तक रहेगी। उदयातिथि के आधार पर श्रावण मास का आरंभ 30 जुलाई 2026 से माना जाएगा। सावन का समापन 28 अगस्त 2026 को श्रावण पूर्णिमा के दिन होगा। इसी दिन रक्षाबंधन का पर्व भी मनाया जाएगा।
पूरा श्रावण मास भगवान शिव और माता पार्वती की उपासना को समर्पित माना जाता है। इस दौरान श्रद्धालु सोमवार का व्रत रखते हैं, जबकि प्रत्येक मंगलवार को मंगला गौरी व्रत किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह व्रत वैवाहिक सुख और संतान प्राप्ति की कामना से विशेष रूप से रखा जाता है।
इस वर्ष श्रावण मास में कुल चार सोमवार पड़ेंगे। इन दिनों शिव मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और जलाभिषेक का आयोजन होता है।
सावन की शुरुआत के साथ ही 30 जुलाई 2026 से कांवड़ यात्रा भी शुरू हो जाएगी। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में यह यात्रा 11 अगस्त 2026 यानी मासिक शिवरात्रि तक चलेगी। वहीं देवघर समेत कई प्रमुख शिवधामों में पूरे सावन महीने कांवड़ यात्रा का आयोजन होगा। इस दौरान श्रद्धालु हरिद्वार और अन्य तीर्थस्थलों से गंगाजल लाकर शिवलिंग का जलाभिषेक करेंगे।
श्रावण मास के दौरान काशी, उज्जैन, देवघर, हरिद्वार और अन्य प्रमुख शिवधामों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। पूरे माह ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से शिवालय गूंज उठते हैं और धार्मिक उत्साह अपने चरम पर रहता है।
नई दिल्ली: घर का किचन केवल भोजन बनाने की जगह नहीं माना जाता, बल्कि इसे…
नई दिल्ली: मसालेदार या भारी भोजन के बाद गैस और एसिडिटी होना आम बात मानी…
नई दिल्ली: मानसून का मौसम पहाड़ों, घाटियों और जंगलों की खूबसूरती को कई गुना बढ़ा…
नई दिल्ली: नौकरी बदलने के बाद कई कर्मचारियों के एक से अधिक भविष्य निधि खाते…
नई दिल्ली: योग केवल शरीर को फिट रखने का माध्यम नहीं, बल्कि शारीरिक और मानसिक…
नई दिल्ली: आधुनिक जीवनशैली में घंटों कुर्सी पर बैठकर काम करना आम बात हो गई…