कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय एथलीटों का शानदार प्रदर्शन जारी है। वेटलिफ्टिंग में भारत को बड़ी सफलता दिलाते हुए ऋषिकांता सिंह ने पुरुषों की 60 किलोग्राम कैटेगरी में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। उन्होंने कुल 264 किलोग्राम (121kg स्नैच + 143kg क्लीन एंड जर्क) वजन उठाकर पोडियम पर जगह बनाई।
इस मुकाबले में मलेशिया के अनीक कासदान ने गोल्ड जीता, जबकि केन्या के खिलाड़ी को ब्रॉन्ज से संतोष करना पड़ा।
स्नैच में रिकॉर्ड, बनाया नया इतिहास
ऋषिकांता सिंह ने स्नैच राउंड में 121 किलोग्राम वजन उठाकर कॉमनवेल्थ गेम्स का नया रिकॉर्ड बनाया। यह उपलब्धि उन्हें इस प्रतियोगिता के सबसे चर्चित खिलाड़ियों में शामिल करती है।
मणिपुर से निकलकर सेना के दम पर बनी पहचान
मणिपुर के इम्फाल वेस्ट के रहने वाले 27 वर्षीय ऋषिकांता सिंह ने इंडियन आर्मी के स्पोर्ट्स सिस्टम के जरिए खुद को निखारा। अनुशासन और कड़ी ट्रेनिंग के बल पर उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार शानदार प्रदर्शन किया है।
आज वे भारत के सबसे भरोसेमंद लो-वेट कैटेगरी वेटलिफ्टर्स में गिने जाते हैं।
55kg से 60kg कैटेगरी: करियर का टर्निंग पॉइंट
ऋषिकांता ने 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में 55 किलोग्राम वर्ग से अपने सफर की शुरुआत की थी। बाद में 60kg कैटेगरी में शिफ्ट होना उनके करियर का बड़ा फैसला साबित हुआ।
ग्लासगो 2026 में सिल्वर जीतकर उन्होंने दिखा दिया कि नई कैटेगरी में भी उनकी पकड़ मजबूत है।
हालिया प्रदर्शन: लगातार ऊंचाइयों की ओर
- 2024 नेशनल चैंपियनशिप: 124kg स्नैच के साथ नेशनल रिकॉर्ड
- 2025 वर्ल्ड चैंपियनशिप: 269kg कुल वजन, 11वां स्थान
- 2025 कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप (अहमदाबाद): 271kg के साथ गोल्ड मेडल
इन्हीं दमदार प्रदर्शन के आधार पर उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के लिए क्वालिफाई किया था।
भारत के लिए बढ़ी उम्मीदें
ऋषिकांता सिंह का यह सिल्वर मेडल न सिर्फ भारत के मेडल टैली में इजाफा है, बल्कि आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स के लिए एक बड़ा संकेत भी है। उनकी फॉर्म को देखते हुए भविष्य में गोल्ड की उम्मीद और मजबूत हो गई है।