देश की राजधानी दिल्ली में छात्रों पर हुए कथित पुलिस लाठीचार्ज और पेपर लीक विवाद को लेकर राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्मा गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले आयोजित विरोध प्रदर्शन के बीच विपक्ष ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने इस पुलिस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए सरकार से जवाबदेही और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की है।
राहुल गांधी का बड़ा हमला: “धर्मेंद्र प्रधान, अमित शाह और पीएम को देना चाहिए इस्तीफा”
प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में आते हुए राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और उसकी नीतियों पर तीखा हमला बोला।
- युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़: राहुल गांधी ने कहा कि देश के युवाओं के पास मौकों के सारे दरवाजे बंद हो रहे हैं। कॉम्पिटिटिव एग्जाम्स का जो एकमात्र जरिया था, उसे भी पेपर लीक और अव्यवस्था के जरिए बर्बाद कर दिया गया है।
- इस्तीफे की मांग: उन्होंने कहा कि यह केवल शिक्षा प्रणाली का नहीं, बल्कि युवाओं के अस्तित्व और भविष्य का सवाल है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री को अपने पदों से तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।
- अस्पताल में मुलाकात: राहुल गांधी ने राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल जाकर पुलिस कार्रवाई में घायल हुए छात्रों से मुलाकात का भी फैसला किया।
अखिलेश यादव बोले- “हिटलर जैसा व्यवहार, छात्रों को लगाए गए करंट”
समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने पुलिस कार्रवाई को स्वतंत्र भारत के इतिहास का बेहद काला अध्याय करार दिया:
अखिलेश यादव का बयान: “सरकार प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटा रही है, लेकिन उस मंत्री को नहीं हटा रही जिसके कार्यकाल में यह संकट पैदा हुआ। सरकार को डर है कि कहीं उसके गहरे राज न खुल जाएं। पुलिस का व्यवहार हिटलर जैसा है। कुछ लोगों ने सिविल ड्रेस में छात्रों को पीटा और यहां तक कि उन्हें करंट भी लगाया गया। लोकतंत्र में यह कतई स्वीकार्य नहीं है।”
संसद से सड़क तक हंगामा: स्पीकर से मिले राहुल गांधी, खरगे ने उठाए सवाल
- संसद में स्थगन प्रस्ताव: कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि सरकार छात्रों पर आंसू गैस के गोले दगवा रही है। विपक्ष ने सदन में स्थगन प्रस्ताव पेश कर इस मुद्दे पर तत्काल विस्तृत चर्चा की मांग की है।
- स्पीकर से मुलाकात: राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने लोकसभा स्पीकर से मुलाकात कर मांग रखी कि जब तक देश के युवाओं के भविष्य पर संसद में खुलकर बात नहीं होगी, तब तक विपक्ष शांत नहीं बैठेगा।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा RML अस्पताल पहुंचे, सोनम वांगचुक का अनशन जारी
दूसरी ओर, सरकार की ओर से स्थिति को संभालने की कोशिशें भी देखी गईं:
- घायलों का हाल जाना: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल पहुंचकर घायल प्रदर्शनकारियों और उनका इलाज कर रहे डॉक्टरों से मुलाकात की।
- सोनम वांगचुक का अड़े रहने का ऐलान: प्रसिद्ध पर्यावरणविद और कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कहा कि जिस क्रूरता से युवाओं पर बल प्रयोग किया गया है, उसे देखते हुए वह अपना अनशन समाप्त नहीं करेंगे।
विपक्षी नेताओं की तीखी प्रतिक्रियाएं
- महुआ मोइत्रा (TMC): शिक्षा मंत्री पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि शायद मंत्री जी को इस्तीफा लिखना ही नहीं आता।
- प्रिया दत्त: पूर्व सांसद ने दिल्ली से आ रहे वीडियो को दिल दहला देने वाला बताते हुए कहा कि शांतिपूर्ण आवाजों को दबाने से वे खत्म नहीं होतीं, बल्कि और मुखर हो जाती हैं।
दिल्ली में बढ़ते तनाव और किसानों द्वारा CJP प्रदर्शन को समर्थन देने के ऐलान के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। संसद के दोनों सदनों में इस मुद्दे पर भारी हंगामे के आसार बने हुए हैं।