Latest News

सावन में बेलपत्र तोड़ने से पहले जान लें ये नियम! गलत दिन तोड़ा तो नहीं मिलेगा पूजा का पूरा फल, धार्मिक मान्यता में बताया गया दोष

लखनऊ: भगवान शिव की पूजा में बेलपत्र का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन मास में शिवलिंग पर जल के साथ बेलपत्र अर्पित करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। हालांकि, बेलपत्र तोड़ने के भी कुछ निर्धारित नियम बताए गए हैं। मान्यता है कि गलत दिन, तिथि या समय पर बेलपत्र तोड़ने से पूजा का पूर्ण फल नहीं मिलता और अनजाने में दोष भी लग सकता है।

इन दिनों और तिथियों पर बेलपत्र तोड़ना माना गया है वर्जित

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सोमवार को भगवान शिव की पूजा का सबसे शुभ दिन माना जाता है, लेकिन इसी दिन बेलपत्र तोड़ने की मनाही बताई गई है। ऐसे में पूजा के लिए बेलपत्र एक दिन पहले यानी रविवार को ही तोड़कर रख लेने की सलाह दी जाती है।

इसके अलावा चतुर्थी, अष्टमी, नवमी, चतुर्दशी और अमावस्या तिथि पर भी बेलपत्र नहीं तोड़ना चाहिए। संक्रांति के दिन भी बेलपत्र तोड़ना वर्जित माना गया है।

मान्यता यह भी है कि सूर्यास्त के बाद बेलपत्र नहीं तोड़ना चाहिए। शाम के समय बेल के पेड़ को स्पर्श करने से भी बचने की सलाह दी जाती है।

बेलपत्र तोड़ते समय इन बातों का रखें विशेष ध्यान

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बेलपत्र तोड़ने से पहले भगवान शिव का स्मरण कर बेल के पेड़ को प्रणाम करना शुभ माना जाता है। पत्ते तोड़ते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि पेड़ की टहनी या डाली को कोई नुकसान न पहुंचे। पूरी टहनी तोड़ना उचित नहीं माना गया है और केवल आवश्यक पत्ते ही तोड़ने चाहिए।

मान्यता के अनुसार, बेल के पेड़ को काटना भी अशुभ माना जाता है। कहा जाता है कि इससे जीवन में कई प्रकार की परेशानियां आ सकती हैं।

भगवान शिव की पूजा के लिए तीन पत्तों वाला संयुक्त बेलपत्र सबसे शुभ माना जाता है। वहीं, कटा-फटा या धारी वाला बेलपत्र शिवलिंग पर अर्पित नहीं करना चाहिए।

शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने का बताया गया सही तरीका

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शिवलिंग पर बेलपत्र हमेशा उल्टा रखकर चढ़ाना चाहिए, ताकि उसका चिकना भाग शिवलिंग के संपर्क में रहे। पूजा में तीन से लेकर 11 बेलपत्र अर्पित करना शुभ माना जाता है। यदि अधिक बेलपत्र उपलब्ध हों तो उससे अधिक भी चढ़ाए जा सकते हैं। वहीं, यदि बेलपत्र कम हों तो एक ही बेलपत्र को पानी से धोकर बार-बार अर्पित करने की भी मान्यता है।

 

vineet verma

Recent Posts

‘नाम कटा तो वोट गया, वोट गया तो हक गया’, ललन सिंह के बयान पर राहुल गांधी का बड़ा हमला

आधार की जगह वोटर ID से सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने के बयान पर भड़के…

8 minutes ago

50MP कैमरा और 5500mAh बैटरी वाला फोन हुआ सस्ता, Poco X7 5G पर मिल रहा खास ऑफर

अगर आप कम कीमत में प्रीमियम फीचर्स वाला 5G स्मार्टफोन खरीदने की योजना बना रहे…

2 hours ago

Israel Politics: नेतन्याहू की सत्ता पर संकट! गादी आइसेनकोट को 67 सांसदों का समर्थन, क्या इजरायल में बदलेगी सरकार?

इजरायल में सत्ता परिवर्तन की बढ़ी संभावना, राष्ट्रपति इसाक हर्जोग रविवार को करेंगे सरकार गठन…

2 hours ago

AQI 400 के करीब, दिल्ली की हवा बनी जहर! सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से मांगा प्रदूषण पर जवाब

दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण एक बार फिर गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। राजधानी की…

3 hours ago

शरवरी वाघ ने मां की पुरानी साड़ी को दिया मॉडर्न ट्विस्ट, दिवाली के लिए आप भी लें स्टाइलिंग टिप्स

दिवाली का त्योहार हो और बात फैशन की हो, तो हर कोई कुछ खास पहनना…

4 hours ago

J&K Politics: 20 विधायकों के इस्तीफे से भी तुरंत नहीं गिरेगी उमर अब्दुल्ला सरकार! समझिए पूरा नंबर गेम

नेशनल कॉन्फ्रेंस में बगावत के संकेत, 18 से 20 विधायक नाराज; इस्तीफे स्वीकार हुए तो…

4 hours ago