नई दिल्ली/तेहरान: मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास भारतीय ध्वज वाले दो तेल टैंकरों पर गोलीबारी की गंभीर घटना सामने आई है। इस हमले ने न केवल वैश्विक तेल आपूर्ति बल्कि भारत-ईरान के कूटनीतिक रिश्तों में भी हलचल पैदा कर दी है। भारत सरकार ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए ईरानी राजदूत को तलब किया है।
ओमान के पास होर्मुज जलडमरूमध्य में इराक से तेल लेकर आ रहे दो भारतीय मर्चेंट जहाजों पर हमला किया गया:
भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस घटना को “बेहद गंभीर” करार दिया है।
भारत में ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा:
“हमें इस तरह की किसी विशिष्ट घटना की जानकारी नहीं है। हालांकि, भारत और ईरान के संबंध हजारों साल पुराने और सांस्कृतिक रूप से गहरे हैं। अगर कोई समस्या है, तो उसे बातचीत के जरिए सुलझा लिया जाएगा।”
इलाही ने जोर देकर कहा कि ईरान युद्ध नहीं बल्कि शांति चाहता है। उन्होंने हाल ही में पीएम मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के बीच हुई बातचीत को सफल बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच आपसी समझ बहुत मजबूत है।
होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया का लगभग 20% तेल गुजरता है। इस मार्ग पर तनाव बढ़ने से:
ईरानी राजदूत ने भारत की चिंताओं को तेहरान तक पहुँचाने का भरोसा दिया है। हालांकि, ईरान और अमेरिका के बीच जारी ‘आठ हफ्ते पुरानी जंग’ ने इस समुद्री मार्ग को एक युद्ध क्षेत्र में तब्दील कर दिया है, जिससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा सीधे तौर पर प्रभावित हो रही है।
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