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कर्नाटक में ‘डीके युग’ का शंखनाद: नंगे पैर और हाथ में संविधान लेकर शिवकुमार ने ली सीएम पद की शपथ, हर तरफ हो रही चर्चा

कर्नाटक की राजनीति में आखिरकार एक बड़े और ऐतिहासिक अध्याय की शुरुआत हो गई है। बुधवार, 3 मई 2026 को कांग्रेस के संकटमोचक माने जाने वाले डीके शिवकुमार ने कर्नाटक के 25वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। बेंगलुरु में आयोजित एक भव्य समारोह में राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।

इस दौरान मंच पर एक बेहद भावुक और अनूठा नजारा देखने को मिला, जब डीके शिवकुमार नंगे पैर और हाथ में भारत के संविधान की कॉपी लिए शपथ लेने पहुंचे। शपथ ग्रहण से ठीक पहले उन्होंने मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। शिवकुमार के बाद दलित समुदाय के बड़े नेता जी. परमेश्वर को उप-मुख्यमंत्री (डिप्टी सीएम) पद की शपथ दिलाई गई।

सिद्धरमैया की विदाई और ‘डीके’ का पूरा हुआ 8 बार का सपना

डीके शिवकुमार का मुख्यमंत्री बनने का सफर बेहद लंबा और संघर्षपूर्ण रहा है। आठ बार के विधायक रह चुके शिवकुमार पिछले कई वर्षों से राज्य की सर्वोच्च कुर्सी तक पहुंचने का सपना देख रहे थे, जो आज जाकर पूरा हुआ।

  • सिद्धरमैया का इस्तीफा: कर्नाटक कांग्रेस के इन दो दिग्गजों (शिवकुमार और सिद्धरमैया) के बीच नेतृत्व को लेकर लंबे समय से खींचतान चल रही थी। इस सियासी अध्याय का अंत तब हुआ जब हाईकमान के निर्देश पर सिद्धरमैया ने 28 मई को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।
  • मनमुटाव की खबरें हुईं झूठी: सूत्रों के मुताबिक, सिद्धरमैया को राज्यसभा जाने का भी ऑफर दिया गया था। हालांकि, शपथ ग्रहण समारोह में खुद सिद्धरमैया ने मंच पर मौजूद रहकर और डीके शिवकुमार को गुलदस्ता भेंट कर दोनों के बीच मनमुटाव की अफवाहों पर पूरी तरह विराम लगा दिया।

देश के सबसे अमीर मुख्यमंत्री बने डीके शिवकुमार: जानिए कितनी है संपत्ति?

इस शपथ ग्रहण के साथ ही डीके शिवकुमार के नाम एक बड़ा रिकॉर्ड भी दर्ज हो गया है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की रिपोर्ट और चुनावी हलफनामे के मुताबिक, डीके शिवकुमार अब देश के सबसे अमीर मुख्यमंत्री बन गए हैं।

1,413 करोड़ रुपये का बिजनेस एम्पायर: डीके शिवकुमार के पास कुल 1,413 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है। उनका मुख्य कारोबार रियल एस्टेट, कंस्ट्रक्शन, माइनिंग (खनन) और शिक्षा क्षेत्र में फैला हुआ है। वे बेंगलुरु के प्रसिद्ध ‘ग्लोबल मॉल’ के मालिक हैं, जिसकी कीमत करीब 900 करोड़ रुपये है। इसके अलावा वीक्रॉस डेवलपर्स, कौस्तूबा प्रोजेक्ट्स और आइकॉन प्रोजेक्ट्स जैसी बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में उनकी बड़ी हिस्सेदारी है।

विपक्षी एकजुटता का केंद्र बना मंच; राहुल-खरगे समेत कई राज्यों के सीएम पहुंचे

डीके शिवकुमार का यह शपथ ग्रहण समारोह कांग्रेस और विपक्षी दलों की एकजुटता का एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन भी साबित हुआ। मंच पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी विशेष रूप से मौजूद रहे, जिनसे शिवकुमार काफी देर तक चर्चा करते दिखे।

इसके अलावा समारोह में देश के कई अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल हुए:

  • सुखविंदर सिंह सुक्खू (मुख्यमंत्री, हिमाचल प्रदेश)
  • अनुमूला रेवंत रेड्डी (मुख्यमंत्री, तेलंगाना)
  • वी. डी. सतीशन (मुख्यमंत्री, केरल)

डीके कैबिनेट में सोशल इंजीनियरिंग: 13 नए मंत्रियों ने भी ली शपथ

नए मुख्यमंत्री के साथ-साथ उनके मंत्रिमंडल में 14 मंत्रियों (1 डिप्टी सीएम + 13 कैबिनेट मंत्री) को भी शामिल किया गया है, जिसमें सोशल इंजीनियरिंग का पूरा ख्याल रखा गया है:

  • के. एच. मुनियप्पा: 78 वर्षीय अनुभवी दलित चेहरा, जो कोलार से 7 बार सांसद और पूर्व केंद्रीय खाद्य व आपूर्ति मंत्री रह चुके हैं।
  • अन्य प्रमुख मंत्री: केजी जॉर्ज, एमबी पाटिल, रामलिंगा रेड्डी, सतीश जखोली, कृष्ण बायरेगौड़ा, प्रियांक खरगे, यूटी खादर, ईश्वर खांद्रे, यतींद्र सिद्धरमैया, बैराथी सुरेश और शरण प्रकाश पाटिल ने भी कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली।


सुशासन और विकास होगी पहली प्राथमिकता: सीएम शिवकुमार

मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद डीके शिवकुमार ने राज्य की जनता का आभार जताते हुए अपनी प्राथमिकताएं साफ कर दी हैं। उन्होंने कहा, “जनता ने जो भरोसा दिखाया है, मैं उसका आभारी हूं। आगे की राह आसान नहीं है और कई चुनौतियां सामने आएंगी, लेकिन हमारी सरकार पूरी ईमानदारी के साथ काम करेगी।”

उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी नई सरकार का पूरा फोकस सुशासन (Good Governance), बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, नए निवेश को आकर्षित करने और राज्य के चहुंमुखी विकास पर रहेगा।

news desk

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