नई दिल्ली शनिवार की शाम सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के खिलाफ चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) की 10 रनों से हार महज एक मैच का नतीजा नहीं, बल्कि एक बड़ी रणनीति की विफलता के रूप में उभरी है। जहां हैदराबाद ने सीजन की तीसरी जीत के साथ प्लेऑफ की राह आसान की, वहीं डिफेंडिंग चैंपियन चेन्नई ने ‘हार का चौका’ लगाकर अपने प्रशंसकों को चिंता में डाल दिया है।
मुकाबले के बाद कप्तान रुतुराज गायकवाड़ ने स्वीकार किया कि एक समय मैच पूरी तरह चेन्नई की मुट्ठी में था। गायकवाड़ ने कहा, “195 रनों का पीछा करते हुए हम बेहतर स्थिति में थे। लक्ष्य बड़ा जरूर था, लेकिन गेंदबाजों ने हैदराबाद को 200 के अंदर रोककर शानदार काम किया था। आखिरी 10 ओवरों में हमें सिर्फ 80 रन चाहिए थे, जो इस पिच पर मुमकिन थे।”
गायकवाड़ ने हार का ठीकरा उन दो ओवरों पर फोड़ा जिसने चेन्नई की लय बिगाड़ दी। कप्तान के अनुसार सटीक टर्निंग पॉइंट: 10 ओवर के बाद अगले दो ओवरों में चेन्नई के बल्लेबाज सिर्फ 4 रन बना सके। रुतुराज ने माना कि इन ‘डॉट बॉल्स’ ने हैदराबाद को मैच में वापस आने का मौका दिया। उन्होंने कहा, “जब आप मिडिल ओवरों में फंस जाते हैं, तो आखिरी ओवरों में 12-13 का रन रेट हासिल करना मुश्किल हो जाता है। हैदराबाद के गेंदबाजों ने अंत में बेमिसाल प्रदर्शन किया।”
अपनी टीम की लगातार चौथी हार के बावजूद गायकवाड़ ने बॉलिंग यूनिट का बचाव किया। उन्होंने विपक्षी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की पारी को ‘क्लास क्रिकेट’ करार दिया। गायकवाड़ ने कहा, “अभिषेक ने पावरप्ले में जिस तरह हमारे गेंदबाजों पर प्रहार किया, वह अद्भुत था। हमने खराब गेंदें नहीं फेंकी थीं, बस उन्होंने बेहतरीन बल्लेबाजी की।”
चेन्नई के कप्तान ने हार के गम के बीच अपनी टीम के युवा और नए गेंदबाजों की सराहना की। उन्होंने जेमी ओवरटन, नूर अहमद, गुरजपनीत सिंह और अंशुल कंबोज के प्रदर्शन को सकारात्मक पहलू बताया। गायकवाड़ के मुताबिक, पावरप्ले के झटकों के बाद इन गेंदबाजों ने मैच को 200 रनों के भीतर खींचकर सीएसके को जीत की उम्मीद दी थी।
चेन्नई की हार का मुख्य कारण मध्यक्रम की धीमी बल्लेबाजी रही। जहां अभिषेक शर्मा ने हैदराबाद को तूफानी शुरुआत दी, वहीं चेन्नई के सेट बल्लेबाजों ने बीच के ओवरों में विकेट बचाने के चक्कर में रन गति को इतना धीमा कर दिया कि अंत में ‘फिनिशिंग टच’ भी काम नहीं आया।
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