वाशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने बुधवार को ईरान के कई ठिकानों पर नए हवाई हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, यह कार्रवाई हार्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर ईरानी हमलों को रोकने के उद्देश्य से की गई। इन हमलों का फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के निर्देश पर लिया गया।
कुछ घंटे पहले ही राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की थी कि ईरान के साथ लागू अंतरिम युद्धविराम समाप्त हो गया है। इसके बाद अमेरिकी सेना ने सैन्य अभियान तेज करते हुए कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया।
रेलवे ब्रिज तबाह, चाबहार में बिजली व्यवस्था ठप
ईरानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बंदर अब्बास और सीरिक इलाके में कई तेज धमाके हुए। इन घटनाओं में एक व्यक्ति की मौत और एक अन्य के गंभीर रूप से घायल होने की खबर है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चाबहार और कोनारक में भी अमेरिकी हवाई हमले किए गए, जिसके बाद चाबहार की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। वहीं, एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक अक्काला क्षेत्र में रेलवे ब्रिज भी हमले में तबाह हो गया।
हार्मुज में जहाजों पर हमले के बाद बढ़ी सैन्य कार्रवाई
बताया गया है कि मंगलवार को ईरान ने हार्मुज जलडमरूमध्य में तीन कार्गो जहाजों पर हमला किया था। इसके जवाब में अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई की। ईरान का आरोप है कि उसने बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया था, जिसके बाद अमेरिका ने जवाबी हमले शुरू किए।
ईरानशहर हवाई अड्डे पर भी हमला, दमकलकर्मी की मौत
दक्षिण-पूर्वी ईरान स्थित ईरानशहर हवाई अड्डे पर हुए अमेरिकी हमले में एक दमकलकर्मी की मौत हो गई। इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है।
बंदर अब्बास में गूंजे आठ धमाके
सरकारी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बंदर अब्बास में लगातार आठ धमाकों की आवाज सुनाई दी। सरकारी टेलीविजन के मुताबिक, दो मिसाइलें सीरिक बंदरगाह और दो अन्य जास्क बंदरगाह के पास गिरीं, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
तेल बाजार में हलचल, कीमतों में सात फीसदी उछाल
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर वैश्विक तेल बाजार पर भी दिखाई दिया है। ताजा घटनाक्रम के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में करीब सात फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हार्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल का परिवहन होता है, इसलिए इस क्षेत्र में तनाव का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ता है।
युद्धविराम और शांति वार्ता पर गहराया संकट
नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान के साथ कोई समझौता भी होता है तो उसके लंबे समय तक टिके रहने को लेकर उन्हें भरोसा नहीं है। हालांकि उन्होंने पूर्ण युद्ध की वापसी की संभावना से इनकार किया और कहा कि स्थायी शांति समझौते के लिए बातचीत की गुंजाइश अभी भी बनी हुई है।
जून में हुए अंतरिम समझौते के बाद यह सबसे बड़ा सैन्य घटनाक्रम माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि मौजूदा संघर्ष की शुरुआत फरवरी 2026 में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हवाई हमलों के बाद हुई थी।