वॉशिंगटन। अमेरिकी राजनीति के गलियारों में इन दिनों सबसे बड़ा और चर्चित सवाल यही है कि साल 2028 में डोनाल्ड ट्रंप की जगह रिपब्लिकन पार्टी का चेहरा कौन होगा?
कुछ महीनों पहले तक इस महामुकाबले को वाइस प्रेसिडेंट जेडी वैंस और सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रुबियो के बीच बेहद करीबी और कांटे का माना जा रहा था। खुद ट्रंप दोनों की क्षमताओं को लगातार परख रहे थे। लेकिन अब व्हाइट हाउस के अंदरूनी सूत्रों ने एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है।
ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, मार्को रुबियो इस रेस से लगभग बाहर हो चुके हैं और जेडी वैंस ट्रंप के 2028 के ‘क्लियर’ उत्तराधिकारी (Official Successor) के रूप में स्थापित हो गए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों ने ऐसे 7 बड़े संकेतों को रेखांकित किया है, जो बताते हैं कि वैंस अब रुबियो से कोसों आगे निकल चुके हैं:
1. ट्रंप का बदला हुआ लहजा: ‘जेडी शानदार लग रहा है’
पिछले कुछ समय तक ट्रंप अपने सलाहकारों से अक्सर पूछते थे कि ‘जेडी या मार्को?’। वे दोनों की लोकप्रियता की तुलना कर रहे थे। लेकिन अब यह सवालिया निशान पूरी तरह खत्म हो चुका है। ट्रंप के एक वरिष्ठ सलाहकार के मुताबिक, राष्ट्रपति अब यह नहीं पूछते कि किसे चुना जाए, बल्कि अब वे खुद गर्व से कहते हैं, “JD बहुत अच्छा लग रहा है, है ना?” व्हाइट हाउस के अंदरूनी सूत्र बताते हैं कि वैंस ने अपनी मेहनत और काबलियत के दम पर इस भरोसे को कमाया है।
2. कूटनीतिक मोर्चे पर महा-कामयाबी: ‘ईरान शांति समझौता’
जून 2026 के मध्य में जेडी वैंस ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी छवि को पूरी तरह बदल दिया। उन्होंने जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ के साथ मिलकर ईरान के साथ एक ऐतिहासिक युद्धविराम (सीजफायर) समझौता कराया। इस बड़े राजनयिक लम्हे के ठीक उसी दिन उनकी नई धार्मिक किताब ‘कम्यूनियन: फाइंडिंग माय बैक टू फेथ’ भी पब्लिश हुई, जो तुरंत बेस्टसेलर बन गई. इस डबल पैकेज ने उन्हें वैश्विक स्तर पर सुर्खियों में ला दिया।
3. मीडिया ब्लिट्ज: 33 इंटरव्यू और ट्रंप की पैनी नजर
अपनी किताब के प्रमोशन और प्रशासनिक नीतियों को रखने के लिए वैंस ने जून 2026 में मीडिया पर पूरी ताकत झोंक दी।उन्होंने कंजर्वेटिव पॉडकास्ट से लेकर व्हाइट हाउस प्रेस ब्रीफिंग और HBO व ABC जैसे बड़े राष्ट्रीय चैनलों को कुल 33 इंटरव्यू दिए।राष्ट्रपति ट्रंप ने इन सभी इंटरव्यूज की क्लिपिंग्स देखीं और उन्हें वैंस का यह आक्रामक और तार्किक अंदाज बेहद पसंद आया।
4. फंडरेजिंग का जादू: RNC के लिए जुटाए 70 मिलियन डॉलर
वैंस ने रिपब्लिकन नेशनल कमेटी (RNC) के फाइनेंस चेयरमैन के तौर पर अपनी ताकत दिखाते हुए पार्टी के लिए करीब 70 मिलियन डॉलर (लगभग 580 करोड़ रुपए) का भारी-भरकम फंड जुटाया है। फोर्ब्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जहाँ मार्को रुबियो को वॉल स्ट्रीट का पारंपरिक समर्थन हासिल है, वहीं वैंस का सिलिकॉन वैली के टेक अरबपतियों से बेहद गहरा और मजबूत संबंध है, जो 2028 के चुनावी अभियान के लिए एक बड़ा हथियार साबित होगा।
5. लोकप्रियता के ग्राफ (पोल्स) में रुबियो बहुत पीछे
नेविगेटर रिसर्च द्वारा नवंबर 2026 में जारी किए गए एक पोल के आंकड़ों ने रिपब्लिकन पार्टी के भीतर की जमीनी हकीकत को साफ कर दिया है…
- जेडी वैंस: 62% नेट फेवरेबिलिटी (जो ट्रंप के 65% के बेहद करीब है)।
- मार्को रुबियो: महज 51% फेवरेबिलिटी. रुबियो के एक समर्थक ने खुद स्वीकार करते हुए कहा कि मार्को के पास ‘पाइप हिटर्स’ (लड़ाकू और आक्रामक स्तर के जमीनी समर्थक) नहीं हैं, जबकि जेडी वैंस के पास एक पूरी संगठित राजनीतिक मशीनरी मौजूद है।
6. ‘रिजीम चेंज’ किताब का चौंकाने वाला खुलासा
मैगी हैबरमैन और जोनाथन स्वान की चर्चित किताब ‘रिजीम चेंज’ में एक दिलचस्प वाकये का जिक्र है. 16 अक्टूबर 2025 को एक डिनर के दौरान ट्रंप ने मीडिया टायकून रूपर्ट मर्डोक से जेडी और मार्को के बीच चयन को लेकर राय मांगी थी. तब मर्डोक ने रुबियो को ‘ब्रिलियंट’ बताया था, लेकिन वैंस के लिए कहा था कि ‘उनमें महान बनने की संभावना है’। मर्डोक के निजी विरोध के बावजूद वैंस का आज इस मुकाम पर होना उनकी राजनीतिक चालाकी को साबित करता है।
7. एलन मस्क की बड़ी भविष्यवाणी: ’12 साल का ट्रंप-वैंस युग’
दुनिया के सबसे अमीर उद्योगपति एलन मस्क का वरदहस्त भी जेडी वैंस के साथ है. नवंबर 2025 में एक प्राइवेट मीटिंग के दौरान मस्क ने एक बेहद बड़ी भविष्यवाणी करते हुए कहा था, “ट्रंप का यह आखिरी कार्यकाल और उसके बाद जेडी वैंस के दो कार्यकाल यानी अमेरिका में 12 साल का एक शानदार और ऐतिहासिक दौर देखने को मिलेगा”.
रुबियो का भविष्य: द इंडिपेंडेंट की एक रिपोर्ट के अनुसार, मार्को रुबियो भले ही राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति के मामलों में ट्रंप के भरोसेमंद रणनीतिक सलाहकार बने रहेंगे, लेकिन 2028 की राष्ट्रपति पद की दौड़ से वे अब पूरी तरह बाहर हो चुके हैं और वैंस का रास्ता पूरी तरह साफ है.