तेहरान/वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव अब बेहद व्यक्तिगत और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। दोनों देशों के बीच छिड़ी इस जंग के बीच अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के ‘मशहद’ (Mashhad) शहर पर एक बहुत बड़ा और रणनीतिक हमला किया है। अमेरिका ने मशहद शहर के दो मुख्य पुलों को बमबारी कर उड़ा दिया है।
यह हमला इसलिए सबसे ज्यादा संवेदनशील है क्योंकि मशहद शहर ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई का गृह शहर (Home Town) है और गुरुवार (9 जुलाई) को ही उनका जनाजा यहाँ पहुंचने वाला है, जहाँ उन्हें सुपुर्द-ए-खाक (दफनाया) किया जाना है। इस अंतिम संस्कार से ठीक पहले हुए अमेरिकी हमले ने ईरान को हिलाकर रख दिया है।
1. ‘ट्रंप खामेनेई के जनाजे को रोकना चाहते हैं-ईरान का गंभीर आरोप
अमेरिकी स्ट्राइक के तुरंत बाद ईरान सरकार की तरफ से बेहद कड़ा बयान सामने आया है। ईरान ने आरोप लगाया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जानबूझकर अयातुल्ला खामेनेई के जनाजे और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।
इस घटना के बाद ईरान की आम जनता में अमेरिका और राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ भयंकर आक्रोश है। तनाव का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मशहद के एक बड़े होटल पर एक विशाल बैनर लटकाया गया है, जिस पर खुलेआम लिखा है— ‘We will kill Trump’ (हम ट्रंप को मार डालेंगे)।
2. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का तीखा रुख: ‘समझौता तोड़ चुका है ईरान’
मशहद पर हमले और खाड़ी में अमेरिकी नौसेना मुख्यालय के पास हुए ईरानी पलटवार के बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) का एक बड़ा और सख्त बयान सामने आया है। जेडी वेंस ने ईरान पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा:
- समझौते का उल्लंघन: ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग में कमर्शियल जहाजों पर दोबारा हमले शुरू करके अमेरिका के साथ हुए हालिया समझौते को पूरी तरह तार-तार कर दिया है।
- स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर खुली चेतावनी: उपराष्ट्रपति वेंस ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Strait of Hormuz) में व्यापारिक जहाजों को रोकने या उन पर हमला करने की हिमाकत दोबारा की, तो अमेरिकी सेना ऐसा करारा जवाब देगी जिसे तेहरान कभी भूल नहीं पाएगा।
3. युद्ध में अमेरिका को भी भारी चोट: मार गिराए गए 30 ‘रीपर ड्रोन’
भले ही अमेरिका ईरान के भीतर घुसकर रणनीतिक ठिकानों को निशाना बना रहा है, लेकिन इस युद्ध में अमेरिका को भी भारी आर्थिक और सैन्य नुकसान उठाना पड़ा है।
अमेरिकी मीडिया आउटलेट ABC News की एक खोजी रिपोर्ट में एक शीर्ष अमेरिकी अधिकारी के हवाले से चौंकाने वाला दावा किया गया है:
- 30 महाविनाशक ड्रोन तबाह: ईरान के साथ युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक ईरानी एयर डिफेंस और सेना ने अमेरिकी वायुसेना के 30 शक्तिशाली MQ-9 रीपर ड्रोन (MQ-9 Reaper Drones) को मार गिराया है।
- अरबों डॉलर का नुकसान: रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, एक अकेले MQ-9 रीपर ड्रोन की अनुमानित कीमत लगभग 3 करोड़ डॉलर (30 मिलियन डॉलर) है। ऐसे में 30 ड्रोनों के नष्ट होने से अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (Pentagon) को अब तक अरबों डॉलर का सीधा फटका लग चुका है।
सर्वोच्च नेता खामेनेई के अंतिम संस्कार के दिन हुए इस हमले ने कूटनीतिक बातचीत की रही-सही उम्मीदों को भी दफन कर दिया है। अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर हैं कि अंतिम संस्कार संपन्न होने के बाद ईरानी सेना अमेरिका के खिलाफ किस स्तर का जवाबी हमला करती है।