Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Reading: अमेरिका के एक फैसले से ‘चाबहार’ प्रोजेक्ट पर आया संकट!  चीन – पाकिस्तान को घेरने की रणनीति में अब क्या करेगा भारत?
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > Trending News > अमेरिका के एक फैसले से ‘चाबहार’ प्रोजेक्ट पर आया संकट!  चीन – पाकिस्तान को घेरने की रणनीति में अब क्या करेगा भारत?
Trending Newsवर्ल्ड

अमेरिका के एक फैसले से ‘चाबहार’ प्रोजेक्ट पर आया संकट!  चीन – पाकिस्तान को घेरने की रणनीति में अब क्या करेगा भारत?

news desk
Last updated: September 19, 2025 11:23 am
news desk
Share
चाबहार पर संकट!
चाबहार पर संकट!
SHARE

ईरान में भारत की सबसे महत्वाकांक्षी विदेशी परियोजनाओं में से एक चाबहार पोर्ट पर अब गंभीर संकट मंडराता दिख रहा है. पाकिस्तान को बाईपास कर मध्य एशिया तक सीधी पहुंच देने वाली लगभग 3000 करोड़ रूपये की यह रणनीतिक प्रोजेक्ट, अब अमेरिका के एक ऐलान से अनिश्चितता के घेरे में आ गया है. माना जा रहा है कि यह फैसला भारत की ऊर्जा सुरक्षा, क्षेत्रीय व्यापार और सामरिक संतुलन पर गहरा असर डालेगा. साथ ही चीन पर बन रहा दवाब भी कम होगा.

‘चाबहार’ से थी भारत को रणनीतिक बढ़त!

चाबहार पोर्ट योजना ईरान के दक्षिण-पूर्व में स्थित बंदरगाह को विकसित करने की भारत की महत्वाकांक्षी परियोजना है, जिसका उद्देश्य भारत, अफगानिस्तान और मध्य एशिया के बीच व्यापारिक गलियारे के रूप में काम करना है. इसे पाकिस्तान में चीन द्वारा विकसित किए जा रहे ग्वादर पोर्ट का जवाब भी माना गया था. चाबहार को हासिल करना भारत की एक बड़ी रणनीतिक जीत थी. इस प्रोजेक्ट के तहत भारत पाकिस्तान के रणनीतिक ग्वादर पोर्ट को बाईपास करते हुए सीधे अफगानिस्तान और यूरोप तक पहुंच जाता और इससे भारत की ऊर्जा और व्यापारिक संसाधनों की आपूर्ति भी आसान से हो सकेगी. साथ ही ग्वादर पोर्ट के जरिए चीन और पाकिस्तान की मूवमेंट पर भी नजर रहती.

कब हुई थी ‘चाबहार’ की शुरूआत ?

चाबहार पोर्ट परियोजना की औपचारिक शुरुआत 2003 में भारत और ईरान के बीच समझौते से हुई थी. उस समय भारत के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और ईरान के राष्ट्रपति मोहम्मद ख़ातमी के बीच हुए इस समझौते के तहत भारत ने ईरान के चाबहार बंदरगाह को विकसित करने में सहयोग करने और अफ़ग़ानिस्तान तक पहुच के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर (सड़क और रेल मार्ग) बनाने पर सहमति जताई थी. हालांकि अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और राजनीतिक कारणों से उस समय शुरू नहीं हो पाई.

2004 में जब मनमोहन सिंह सरकार सत्ता में आई, तब भारत ने ईरान के साथ मिलकर इस पोर्ट को विकसित करने में रुचि दिखाई, लेकिन अमेरिका और पश्चिमी देशों के ईरान पर लगे प्रतिबंध से इस प्रोजेक्ट में बाधाएं आईं. लेकिन तकनीकी अध्ययन, सड़क निर्माण और अफगानिस्तान तक संपर्क मार्ग की योजनाएं तैयार की गई. लेकिन राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय दबावों से बाधाएं भी आती रही.

2016 में भारत, ईरान और अफगानिस्तान के बीच हुए त्रिपक्षीय समझौते ने, इस परियोजना को नई गति दी. दरअसल अमेरिका ने अभी तक ईरान के परमाणु कार्यक्रमों को लेकर जो कड़े प्रतिबंध लगाए थे, 2018 में उससे कुछ विशेष छूट दी गई, क्योंकि चाबहार अफगानिस्तान की शांति और पुनर्निर्माण में अच्छा कदम साबित हो सकता था.

  • पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच हुआ समझौता क्या भारत के लिए झटके जैसा है? इस समझौते के पीछे ट्रंप का दिमाग तो नहीं?

अमेरिका के फैसले का क्या पड़ेगा भारत पर असर ?

अब अमेरिका द्वारा चाबहार पोर्ट पर दी गई 2018 की छूट को खत्म करने का फैसला भारत के हितों पर गंभीर असर डाल सकता है. अमेरिका ने यह छूट 29 सितम्बर 2025 से वापस लेने का निर्णय लिया है. इसके बाद भारत द्वारा चाबहार पोर्ट में किया गया निवेश और परिचालन सीधे अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में आ सकता है.

इस पोर्ट में भारत ने बड़ा निवेश किया है और इसके ज़रिए अफ़ग़ानिस्तान व मध्य एशिया तक बिना पाकिस्तान से गुज़रे सीधा व्यापारिक मार्ग बनाया था. अब छूट हटने से भारतीय कंपनियों और बैंकों पर अमेरिकी प्रतिबंधों का खतरा बढ़ जाएगा, जिससे परियोजना की गति धीमी हो सकती है. साथ ही यह कदम भारत की ऊर्जा सुरक्षा और चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे के संतुलन को भी प्रभावित कर सकता है. कूटनीतिक रूप से भी भारत के लिए अमेरिका और ईरान के बीच संतुलन साधना चुनौतीपूर्ण हो जाएगा. वहीं लगातार अमेरिकी नीतियों से भारत के हितों पर भी संकट मंडरा रहा है.

  • अमेरिका, भारत और पाकिस्तान: क्या ‘लॉबिंग फर्मों’ के जरिए चल रही है ‘विदेश नीति’?

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: #AsiaNews, #BJP, #BreakingNews, #Chabahar, #chabaharProject, #Congress, #ForeignInvestment, #IndiaAfghanistan, #indiaamerica, #IndiaChina, #indiaIran, #IndianPolitics, #indianpresshouse, #IndiaPakistanNews, #PoliticalNews, #WorldNews
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article तूफान बने अडानी के शेयर गिरते मार्केट में तूफान बने हुए हैं Adani के शेयर! SEBI की क्लीन चिट और पॉजिटिव रेटिंग से निवेशकों में जोश!
Next Article अपर्णा यादव की मां पर FIR जमीन घोटाले में अपर्णा यादव की मां समेत 4 पर FIR दर्ज, जाने क्या है मामला?

फीचर

View More

15 अगस्त 1947 को भारत आजाद हुआ, लेकिन यह राज्य तब भी था विदेशी कब्जे में; 14 साल बाद ऐसे बना देश का 25वां राज्य

पणजी: 15 अगस्त 1947 को जब पूरा देश ब्रिटिश शासन से आजादी का जश्न मना रहा था, तब भारत का…

By vineet verma 6 Min Read

आधी रात को खत्म हुआ अंग्रेजों का राज, 15 अगस्त 1947 को ऐसे मिली भारत को आजादी; जानिए स्वतंत्रता की पूरी कहानी

नई दिल्ली: 15 अगस्त भारत के इतिहास की सबसे अहम तारीखों में…

6 Min Read

लाल किले से ही क्यों देश को संबोधित करते हैं प्रधानमंत्री? 15 अगस्त की इस परंपरा के पीछे छिपी है सत्ता, संघर्ष और आजादी की पूरी कहानी

नई दिल्ली: 15 अगस्त 2026 को देश 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। इस…

6 Min Read

विचार

View More

भारतीय रेडियो प्रसारण के 100 वर्ष: ‘श्रुति’ की परंपरा से ‘मन की बात’ तक… ऐसा रहा जादुई तरंगों का 100 साल का सफर

उस अविस्मरणीय पल को याद कीजिए, जब आपने पहली बार…

August 13, 2026

क्या कभी सोचा है कि आखिर कैसे दक्षिण से उत्तर तक पूरे देश में छा जाते हैं बादल और शुरू हो जाती है झमाझम बारिश?

नई दिल्ली: देश में मानसून की…

July 9, 2026

‘एक भी अमेरिकी सैनिक जिंदा नहीं लौटेगा’… आखिर ईरान ने अमेरिका को क्यों दी खुली चेतावनी? जानिए कैसे बढ़ा नया सैन्य तनाव

तेहरान: पश्चिम एशिया में अमेरिका और…

July 9, 2026

अमीर पति बनेगा सहारा या मुसीबत? डेटिंग ऐप CEO की सलाह से छिड़ी बहस, महिलाओं से कहा- ‘कमाई का अंतर ज्यादा हो तो सोचिए’

नई दिल्ली: शादी और रिश्तों को…

June 9, 2026

मानसून की दस्तक में फिर देरी, आखिर कब पहुंचेगा केरल? जानिए क्यों बार-बार बदल रही है IMD की तारीख

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों…

June 4, 2026

You Might Also Like

Trending Newsफीचर

15 अगस्त 1947 को भारत आजाद हुआ, लेकिन यह राज्य तब भी था विदेशी कब्जे में; 14 साल बाद ऐसे बना देश का 25वां राज्य

पणजी: 15 अगस्त 1947 को जब पूरा देश ब्रिटिश शासन से आजादी का जश्न मना रहा था, तब भारत का…

6 Min Read
Trending Newsसियासी

लाल किले से पीएम मोदी का आर्थिक रोडमैप, मैन्युफैक्चरिंग से डिफेंस और ग्रीन इकोनॉमी तक पर फोकस; बोले- अब दुनिया के बाजार में छाना है

नई दिल्ली: भारत आज अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले…

6 Min Read
Trending Newsसियासी

लाल किले के समारोह से फिर दूर रहे राहुल गांधी-खरगे, लगातार दूसरे साल नहीं पहुंचे; 2024 की सीटिंग को लेकर हुआ था बड़ा विवाद

नई दिल्ली: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर पर आयोजित राष्ट्रीय समारोह में लोकसभा में विपक्ष के…

4 Min Read
Trending Newsबाजार

LPG सिलेंडर लेने वालों के लिए बड़ी खबर! 16 अगस्त की डेडलाइन हो रही खत्म, e-KYC नहीं कराया तो रुक सकती है गैस सप्लाई और सब्सिडी

नई दिल्ली: घरेलू रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी की तय समयसीमा अब बेहद करीब है। एलपीजी कनेक्शन को सक्रिय…

4 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?