नई दिल्ली: फ्लाईदुबई की उड़ान में भारतीय कैप्टन स्मित मछार पर हुए हमले को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि उन्हें मिली शुरुआती जानकारी के मुताबिक विमान के को-पायलट का ईरान से कनेक्शन हो सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मामले की जांच अभी जारी है और इस संबंध में आधिकारिक तौर पर पूरी जानकारी सामने नहीं आई है।
ट्रंप से जब पूछा गया कि क्या उन्हें फ्लाईदुबई विमान पर हुए हमले और ईरान के बीच किसी संभावित संबंध के बारे में जानकारी मिली है, तो उन्होंने कहा कि इस मामले पर काम किया जा रहा है। उन्होंने शुरुआती जानकारी के आधार पर संभावित कनेक्शन की ओर इशारा किया, लेकिन जांच पूरी होने का इंतजार करने की बात भी कही।
ईरान का हाथ हुआ तो क्या होगा? ट्रंप ने दिया सीधा जवाब
अमेरिकी राष्ट्रपति से पूछा गया कि अगर जांच में ईरान की भूमिका सामने आती है तो क्या अमेरिका जवाबी कार्रवाई करेगा। इस पर ट्रंप ने कहा कि चिंता करने की जरूरत नहीं है और अगर ईरान की भूमिका हुई तो अमेरिका बहुत कड़ा जवाब देगा।
इसके बाद उनसे पूछा गया कि क्या को-पायलट को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी ने विमान में भेजा हो सकता है या फिर उसे किसी अन्य तरीके से कट्टरपंथी बनाया गया होगा। ट्रंप ने इस संभावना से इनकार नहीं किया और कहा कि ऐसा हो सकता है।
नेतन्याहू ने कहा- अभी ईरान कनेक्शन कहना जल्दबाजी
ट्रंप के बयान से पहले इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा था कि अभी यह निश्चित रूप से कहना जल्दबाजी होगी कि को-पायलट का ईरान से कोई संबंध था।
इजरायल के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मिकल मायान ने भी कहा कि जांच एजेंसियां घटना के पीछे संभावित वैचारिक कारणों, दूसरे लोगों से संभावित संपर्क और पहले से की गई योजना समेत कई पहलुओं की जांच कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और सभी संभावनाओं को ध्यान में रखा जा रहा है।
मायान के मुताबिक, नेतन्याहू ने को-पायलट के इस्लामी कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित होने की बात कही थी और जांच में इस पहलू को भी शामिल किया गया है। हालांकि उन्होंने साफ किया कि फिलहाल किसी एक निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
स्मित मछार को ट्रंप, नेतन्याहू और मोदी ने बताया हीरो
इस घटना के दौरान विमान को सुरक्षित बचाने वाले कैप्टन स्मित मछार की दुनियाभर में तारीफ हो रही है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनकी बहादुरी की सराहना की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मछार को हीरो बताया और उनके परिवार से फोन पर बात की।
घटना के दौरान को-पायलट ने मछार पर चाकू से हमला किया था। घायल होने के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की और मदद के लिए आवाज लगाई। इसके बाद यात्रियों और क्रू के सदस्यों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को संभालने में मदद की।
30 हजार फीट की ऊंचाई पर हुआ था हमला
फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। उड़ान के दौरान को-पायलट ने कैप्टन स्मित मछार पर हमला कर दिया और विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की कोशिश की।
मछार के घायल होने के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खुलने के बाद यात्रियों और क्रू के सदस्यों ने हस्तक्षेप किया। इसके बाद विमान का मार्ग बदला गया और सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर उसकी आपात लैंडिंग कराई गई।
कैप्टन स्मित मछार अब खतरे से बाहर हैं और अबू धाबी में उनका इलाज चल रहा है। मामले में को-पायलट की भूमिका, संभावित वैचारिक कारणों और किसी बाहरी संपर्क की आशंका समेत कई पहलुओं की जांच जारी है।