नई दिल्ली: पीरियड्स के दौरान ब्लीडिंग की मात्रा हर महिला में अलग हो सकती है। लेकिन अगर माहवारी में हर महीने बहुत ज्यादा रक्तस्राव हो रहा है और इसका असर रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है, तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। लंबे समय तक होने वाली अत्यधिक ब्लीडिंग के पीछे कई कारण हो सकते हैं। कुछ खास संकेत ऐसे हैं, जिन्हें देखकर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो जाता है।
7 दिन से ज्यादा ब्लीडिंग होना
आमतौर पर पीरियड्स 2 से 7 दिन तक रह सकते हैं। अगर लगातार 7 दिन से ज्यादा समय तक ब्लीडिंग जारी रहती है, तो इसे सामान्य नहीं माना जाना चाहिए। जरूरत से ज्यादा समय तक होने वाला रक्तस्राव शरीर में किसी दूसरी समस्या का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से जांच और सलाह लेना जरूरी है।
हर घंटे पैड पूरी तरह भीग जाना
अगर कई दिनों तक हर घंटे एक या उससे ज्यादा पैड पूरी तरह भीग रहा है, तो यह अत्यधिक ब्लीडिंग का संकेत हो सकता है। इस तरह के रक्तस्राव को सामान्य पीरियड्स मानकर टालना ठीक नहीं है।
रात में बार-बार पैड बदलने के लिए उठना
अगर पीरियड्स के दौरान ब्लीडिंग इतनी ज्यादा हो कि रात में बार-बार उठकर पैड बदलना पड़े या कपड़े और बिस्तर तक दाग लग जाएं, तो यह भी हैवी पीरियड्स का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
बार-बार बड़े ब्लड क्लॉट्स निकलना
माहवारी के दौरान छोटे रक्त के थक्के आना सामान्य हो सकता है। लेकिन अगर बार-बार बड़े आकार के ब्लड क्लॉट्स निकल रहे हैं और साथ में ज्यादा ब्लीडिंग भी हो रही है, तो इस बदलाव को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे में डॉक्टर से बात करना जरूरी है।
रोजमर्रा के काम प्रभावित होने लगें
अगर ज्यादा ब्लीडिंग की वजह से ऑफिस जाना, व्यायाम करना, बाहर निकलना या रोज के सामान्य काम करना मुश्किल हो रहा है, तो इसे सिर्फ पीरियड्स की परेशानी समझकर सहते रहना सही नहीं है। अत्यधिक रक्तस्राव की वजह जानने के लिए डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
लगातार थकान और सांस फूलना
लंबे समय तक ज्यादा ब्लीडिंग होने से शरीर में आयरन की कमी और एनीमिया का खतरा बढ़ सकता है। अगर पीरियड्स के दौरान या उसके बाद लगातार बहुत ज्यादा थकान महसूस हो या सांस फूलने लगे, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
पीरियड्स के बीच या सेक्स के बाद ब्लीडिंग
अगर पीरियड्स खत्म होने के बाद दोबारा ब्लीडिंग या स्पॉटिंग होने लगे, तो इसे सामान्य माहवारी का हिस्सा नहीं माना जाता। इसी तरह सेक्स के बाद होने वाली ब्लीडिंग पर भी ध्यान देना चाहिए। ऐसी स्थिति में चिकित्सकीय परामर्श लेना जरूरी हो जाता है।
हैवी ब्लीडिंग के पीछे क्या कारण हो सकते हैं?
अत्यधिक या असामान्य ब्लीडिंग के कई कारण हो सकते हैं। इनमें हार्मोनल बदलाव, ओव्यूलेशन से जुड़ी समस्याएं, फाइब्रॉइड, पॉलिप, एडिनोमायोसिस, एंडोमेट्रियोसिस, कुछ दवाएं और ब्लीडिंग डिसऑर्डर शामिल हो सकते हैं। कुछ महिलाओं में पीसीओएस या थायरॉइड की समस्या भी ज्यादा ब्लीडिंग का कारण बन सकती है।