नई दिल्ली: विदेश यात्रा का चलन बढ़ने के साथ भारतीय पर्यटकों की पसंद में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। अब कई यात्री सिर्फ दो-चार दिन की छोटी यात्रा करने के बजाय ऐसी जगहों का रुख करना चाहते हैं, जहां प्रकृति, संस्कृति, रोमांच, आराम और स्थानीय जीवन का अनुभव एक साथ मिल सके। इसी बदलती पसंद को देखते हुए खाड़ी देश भी अपनी पर्यटन रणनीति में बदलाव कर रहे हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का असर खाड़ी देशों के पर्यटन पर पड़ा है। हालांकि, अब इन देशों का जोर सिर्फ पर्यटकों की संख्या बढ़ाने पर नहीं, बल्कि उन्हें यादगार अनुभव देने पर भी है। दिवाली, क्रिसमस और नए साल की छुट्टियों में विदेश यात्रा की योजना बना रहे भारतीयों के बीच ओमान समेत कई देशों को लेकर दिलचस्पी बढ़ रही है।
सिर्फ घूमना नहीं, यात्रा की यादें साथ ले जाना चाहते हैं पर्यटक
ओमान के पर्यटन मंत्रालय के पर्यटन प्रचार निदेशालय के सहायक निदेशक यूसुफ खलफ अल मुजैजी ने कहा कि आज के यात्री किसी जगह पर सिर्फ घूमकर लौटना नहीं चाहते, बल्कि वहां बिताए समय की यादें भी अपने साथ लेकर जाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि ओमान भी इसी सोच के साथ अपनी पर्यटन रणनीति आगे बढ़ा रहा है, जिसमें पर्यटकों की संख्या से ज्यादा बेहतर अनुभव को महत्व दिया जा रहा है।
ओमान भारतीय यात्रियों को परिवार के साथ घूमने, आराम, रोमांच, प्रकृति और संस्कृति से जुड़े कई अनुभव उपलब्ध कराता है। इनमें सलालाह का खरीफ मौसम भी खास आकर्षण है। कोशिश यह है कि भारतीय पर्यटक ओमान को सिर्फ छोटी छुट्टी या रास्ते में रुकने की जगह के तौर पर न देखें।
छह महीने में 3.81 लाख से ज्यादा भारतीय पहुंचे ओमान
यूसुफ खलफ अल मुजैजी के मुताबिक, जनवरी से जून 2026 के बीच 3,81,305 भारतीय पर्यटक ओमान पहुंचे। मई में अकेले 81,797 भारतीय पर्यटक ओमान गए। उनके अनुसार, हाल के कई दशकों में किसी एक महीने में भारतीय पर्यटकों की यह सबसे बड़ी संख्या है।
अब ओमान के सामने इस बढ़ती रुचि को लंबे समय की पर्यटन मांग में बदलने की चुनौती है।
पहाड़, समुद्र और रेगिस्तान के साथ स्थानीय जीवन पर जोर
यूसुफ के मुताबिक, यात्रा पर होने वाले खर्च को सिर्फ लागत के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। जरूरी यह है कि पर्यटक जितना पैसा खर्च करे, उसके बदले उसे उतना ही अच्छा अनुभव मिले।
इसी सोच के तहत ओमान अपने पहाड़ों, समुद्र, रेगिस्तान, पुरानी विरासत और स्थानीय जीवन से जुड़े अनुभवों को बढ़ावा दे रहा है। यात्रा कराने वाले एजेंटों और पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों की भूमिका पर भी जोर दिया जा रहा है। ओमान का मानना है कि भारतीय यात्रियों को किसी नए देश की जानकारी देने और यात्रा की योजना बनाने में इनकी अहम भूमिका होती है।
खाड़ी देशों के बीच बेहतर हवाई संपर्क और आपसी सहयोग से पूरे क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने की संभावनाएं भी देखी जा रही हैं।
दिवाली से न्यू ईयर तक इन देशों की बुकिंग बढ़ी
स्टिक ट्रैवल ग्रुप के चेयरमैन और फाउंडर सुभाष गोयल ने बताया कि अमेरिका-ईरान के बीच तनाव का शुरुआती दौर में खाड़ी देशों के पर्यटन पर काफी असर पड़ा। भारतीय पर्यटकों ने भी शुरुआत में बड़ी संख्या में बुकिंग रोक दी थी। हालांकि, अब हालात में सुधार आने लगा है और खाड़ी देशों का पर्यटन अपने चरम स्तर से बहुत पीछे नहीं है।
गोयल के मुताबिक, भारतीय पर्यटक दिवाली, क्रिसमस और नए साल के जश्न के लिए ओमान, दुबई, वियतनाम, थाईलैंड, मलेशिया और कंबोडिया जैसे देशों की बुकिंग करा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारतीय पर्यटकों की प्राथमिकता अब सिर्फ घूमने तक सीमित नहीं है। वे किसी देश की प्रमुख जगहों को देखने के साथ वहां के अनुभव, स्थानीय लोगों से मुलाकात और छुट्टियों के दौरान बिताए यादगार पलों को भी महत्व दे रहे हैं।