नई दिल्ली: कद्दू के बीज पोषक तत्वों से भरपूर माने जाते हैं। इनमें प्रोटीन, हेल्दी फैट, मैग्नीशियम, जिंक और एंटीऑक्सीडेंट्स जैसे कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। हालांकि गर्मियों में कई लोग इन्हें ‘गर्म तासीर’ वाला मानकर खाने से बचते हैं। आयुर्वेदिक और यूनानी चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. सलीम जैदी के मुताबिक, गर्मी के मौसम में भी कद्दू के बीज खाए जा सकते हैं, लेकिन इनकी मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है। इन्हें कुछ समय भिगोकर खाना भी एक विकल्प हो सकता है।
कद्दू के बीजों में मौजूद पोषक तत्व शरीर के सामान्य कामकाज में अहम भूमिका निभाते हैं। मैग्नीशियम मांसपेशियों और तंत्रिकाओं के सामान्य कामकाज के लिए जरूरी है, जबकि जिंक इम्यूनिटी और सामान्य शारीरिक कार्यों में भूमिका निभाता है। आइए जानते हैं कि गर्मियों में कद्दू के बीज खाने से क्या फायदे हो सकते हैं और इन्हें किस तरह खाना बेहतर माना जाता है।
दिल की सेहत के लिए हो सकते हैं फायदेमंद
कद्दू के बीजों में मैग्नीशियम, पॉलीअनसैचुरेटेड फैट और एंटीऑक्सीडेंट यौगिक पाए जाते हैं। मैग्नीशियम सामान्य ब्लड प्रेशर बनाए रखने में भूमिका निभाता है, जबकि इनमें मौजूद हेल्दी फैट संतुलित आहार का हिस्सा हो सकते हैं। हालांकि, कद्दू के बीज ब्लड प्रेशर या एलडीएल कोलेस्ट्रॉल कम करने की दवा नहीं हैं।
प्रोटीन और हेल्दी फैट का अच्छा स्रोत
कद्दू के बीजों में अच्छी मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है, जो मांसपेशियों के निर्माण और उनके रखरखाव में मदद करता है। प्रोटीन और फैट की मौजूदगी से पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस हो सकता है। इससे बार-बार भूख लगने और अनावश्यक स्नैकिंग को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
मैग्नीशियम की कमी पूरी करने में मदद
कद्दू के बीज मैग्नीशियम के अच्छे स्रोतों में शामिल हैं। यह खनिज मांसपेशियों और तंत्रिकाओं के सामान्य कामकाज के साथ ऊर्जा उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए भी मैग्नीशियम जरूरी है। पर्याप्त मात्रा में मैग्नीशियम लेना नींद और समग्र स्वास्थ्य को भी सपोर्ट कर सकता है।
नींद और मूड के लिए भी उपयोगी
इन बीजों में ट्रिप्टोफेन नामक अमीनो एसिड पाया जाता है। शरीर इसका इस्तेमाल कुछ ऐसे जरूरी रसायन बनाने में करता है, जो नींद और मूड से जुड़े होते हैं। इसके अलावा मैग्नीशियम भी तंत्रिका तंत्र और मांसपेशियों के सामान्य कामकाज में भूमिका निभाता है।
फाइबर पाचन के लिए फायदेमंद
कद्दू के बीजों में डाइटरी फाइबर भी मौजूद होता है। फाइबर पाचन तंत्र के लिए उपयोगी है और पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद कर सकता है। इससे भूख को नियंत्रित करने और बार-बार कुछ खाने की आदत कम करने में मदद मिल सकती है। पर्याप्त फाइबर आंतों की सामान्य गतिविधि के लिए भी जरूरी है।
मांसपेशियों के कामकाज में मदद
कद्दू के बीजों में मौजूद मैग्नीशियम मांसपेशियों के सामान्य संकुचन और कामकाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वहीं प्रोटीन मांसपेशियों के निर्माण और मरम्मत के लिए जरूरी पोषक तत्व है। इस वजह से कद्दू के बीजों को संतुलित आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है।
पुरुषों की सेहत के लिए क्यों माने जाते हैं उपयोगी?
कद्दू के बीज जिंक का अच्छा स्रोत हो सकते हैं। जिंक पुरुषों के सामान्य प्रजनन स्वास्थ्य, हार्मोनल कार्यों और प्रजनन से जुड़े सामान्य कामकाज के लिए जरूरी पोषक तत्व है। कुछ शोधों में कद्दू के बीजों और प्रोस्टेट स्वास्थ्य के बीच संभावित संबंधों का भी अध्ययन किया गया है। हालांकि, प्रोस्टेट संबंधी समस्याओं या स्पर्म क्वालिटी में सुधार के दावों को लेकर अधिक शोध की जरूरत है।
वजन नियंत्रित करने में मिल सकती है मदद
कद्दू के बीजों में प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट का संयोजन होता है। ये तीनों पेट को लंबे समय तक भरा हुआ रखने में मदद कर सकते हैं। इसके चलते बार-बार भूख लगने और अनावश्यक स्नैकिंग को नियंत्रित करना आसान हो सकता है। हालांकि, बीजों में कैलोरी भी अधिक होती है, इसलिए मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है।
एक दिन में कितने कद्दू के बीज खाएं?
कद्दू के बीजों की सही मात्रा व्यक्ति की कुल डाइट और कैलोरी की जरूरत पर निर्भर करती है। आमतौर पर करीब 30 ग्राम, यानी एक छोटी मुट्ठी, एक उचित सर्विंग मानी जा सकती है। इनमें कैलोरी और फैट अधिक होने के कारण जरूरत से ज्यादा खाने पर अतिरिक्त कैलोरी शरीर में जा सकती है। बिना नमक वाले कद्दू के बीज लेना बेहतर विकल्प हो सकता है।
गर्मियों में कद्दू के बीज खाने का सही तरीका
कद्दू के बीजों को हल्का भूनकर स्नैक के रूप में खाया जा सकता है। इन्हें सलाद, दलिया, ओट्स या स्मूदी में मिलाकर भी खाया जा सकता है। कुछ लोगों के लिए बीजों को पहले भिगोकर खाना आसान हो सकता है। बाजार में मिलने वाले ज्यादा नमक या चीनी वाले स्वादयुक्त बीजों के बजाय सादे बीजों को प्राथमिकता देना बेहतर है।
किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए?
पाचन संबंधी समस्या, आईबीएस, गैस या पेट फूलने की शिकायत वाले लोगों को कद्दू के बीजों का जरूरत से ज्यादा सेवन नहीं करना चाहिए। अधिक मात्रा में खाने से कुछ लोगों को पेट दर्द या कब्ज की समस्या हो सकती है।
जिन लोगों का ब्लड प्रेशर पहले से कम रहता है, उन्हें भी इनके सेवन को लेकर सावधानी बरतनी चाहिए। कद्दू के बीजों का सेवन ब्लड प्रेशर पर असर डाल सकता है। वहीं हाई ब्लड प्रेशर या हृदय संबंधी दवाएं लेने वाले लोगों को नियमित रूप से इनका सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है।
गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी कद्दू के बीजों का सेवन डॉक्टर की सलाह से और उचित मात्रा में करना चाहिए।