नई दिल्ली। अमेरिकी सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार की नीतियों और वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनियों के खिलाफ हिंसा को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। सैंडर्स ने कहा है कि अमेरिका को नेतन्याहू की सरकार को अब किसी तरह की आर्थिक मदद नहीं देनी चाहिए।
सैंडर्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट साझा की। इस रिपोर्ट में इजरायल के रिटायर्ड सैन्य अधिकारियों के हवाले से वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनियों के खिलाफ इजरायली बसने वालों की हिंसा और हमलों पर गंभीर चिंता जताई गई है।
रिपोर्ट में शामिल रिटायर्ड ब्रिगेडियर जनरल और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री एफ्राइम स्नेह ने वेस्ट बैंक में जारी घटनाओं को ‘जातीय सफाया’ बताया। वहीं, रिटायर्ड एयरफोर्स जनरल आसफ एग्मोन ने चेतावनी दी कि जब कोई समाज इस तरह का व्यवहार करने लगे, तो वह समाज बर्बादी की ओर बढ़ता है।
सैंडर्स ने इन बयानों का हवाला देते हुए इजरायल की नीतियों की आलोचना की। उन्होंने अमेरिकी समर्थन पर भी सवाल उठाया और कहा, “चरमपंथी नेतन्याहू सरकार के लिए अब एक निकेल भी नहीं।”
इजरायल को अमेरिकी समर्थन का विरोध
बर्नी सैंडर्स लंबे समय से गाजा और वेस्ट बैंक में इजरायल की सैन्य कार्रवाई को लेकर अमेरिकी नीति की आलोचना करते रहे हैं। उनका कहना है कि अमेरिका को इजरायल सरकार को बिना शर्त समर्थन देने के बजाय फिलिस्तीनी नागरिकों की सुरक्षा और मानवीय स्थिति को प्राथमिकता देनी चाहिए।
सैंडर्स के ताजा बयान से एक बार फिर अमेरिका में इजरायल को दिए जा रहे समर्थन और उसकी नीतियों को लेकर जारी राजनीतिक बहस तेज होने के संकेत हैं।