नई दिल्ली: स्पेन के उत्तरी अफ्रीकी एन्क्लेव सेउटा में मोरक्को से बड़ी संख्या में प्रवासियों के पहुंचने के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। पिछले एक सप्ताह के दौरान हजारों लोगों ने सीमा पार करने की कोशिश की, जिसके बाद स्पेन सरकार ने हालात संभालने के लिए सशस्त्र बलों की तैनाती कर दी है। स्पेन के आंतरिक मंत्रालय के अनुसार, बीते 24 घंटों में 49 हजार से अधिक लोग सेउटा में प्रवेश कर चुके हैं, जिससे स्थानीय प्रशासन और राहत केंद्रों पर भारी दबाव बन गया है।
सीमा पार करने की कोशिश में 18 लोगों की मौत
अधिकारियों के मुताबिक, स्पेन की सीमा में प्रवेश करने की कोशिश के दौरान कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई। इनमें अधिकांश प्रवासी सीमा पर लगी बैरिकेड पार करने के प्रयास में डूब गए। बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं, जबकि यूरोपीय संघ ने भी सीमा पर व्यवस्था बहाल करने में सहयोग की पेशकश की है।
राष्ट्रीय आपातकाल घोषित करने की उठी मांग
सेउटा के अध्यक्ष जुआन जीसस विवाज़ ने मैड्रिड सरकार से राष्ट्रीय आपातकाल घोषित करने की मांग की है। उनका कहना है कि बड़ी संख्या में प्रवासी सड़कों पर रात गुजारने को मजबूर हैं और मौजूदा संसाधन पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों, बुनियादी ढांचे और राहत सुविधाओं की मांग भी की है।
समुद्र के रास्ते पहुंच रहे प्रवासी
ताराजल बीच से सामने आए वीडियो में बड़ी संख्या में प्रवासी समुद्र के रास्ते तैरकर या ट्यूब के सहारे सीमा तक पहुंचते दिखाई दिए। किनारे पर पहुंचने के बाद कई लोग स्पेनिश क्षेत्र की ओर दौड़ते नजर आए। इनमें युवा पुरुषों के साथ महिलाएं, बच्चे और पूरे परिवार भी शामिल थे। कुछ लोगों ने सीमा पार करने के बाद ‘विवा एस्पाना’ और ‘स्पेन जिंदाबाद’ के नारे भी लगाए।
सरकार ने खारिज किए राजनीतिक आरोप
स्पेन सरकार ने इस दावे को खारिज किया है कि हालिया प्रवासी संकट का कारण अवैध प्रवासियों को नियमित करने की प्रस्तावित योजना है। सरकार का कहना है कि हाल ही में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद समुद्र में पकड़े गए प्रवासियों को मोरक्को वापस नहीं भेजा जा सकता, जिसका फायदा मानव तस्करी से जुड़े आपराधिक नेटवर्क उठा रहे हैं और लोगों को समुद्री रास्ते से स्पेन भेज रहे हैं।
प्रवासियों के लिए क्यों अहम है सेउटा?
सेउटा यूरोपीय संघ में प्रवेश के सबसे छोटे और प्रमुख मार्गों में गिना जाता है। बड़ी संख्या में प्रवासी मोरक्को के सीमावर्ती शहरों से तैरकर या सीमा की बाड़ पार करने की कोशिश करते हैं। यहां पहुंचने के बाद कई लोग स्पेन में शरण की मांग करते हैं, हालांकि द्विपक्षीय समझौतों के तहत कई मामलों में उन्हें वापस भी भेज दिया जाता है।
सेउटा को लेकर पहले भी बढ़ चुका है विवाद
सेउटा लंबे समय से स्पेन और मोरक्को के बीच राजनयिक तनाव का केंद्र रहा है। मई 2021 में भी सीमा नियंत्रण में ढील मिलने के बाद करीब 8 हजार प्रवासी दो दिनों के भीतर सेउटा पहुंच गए थे। उस समय दोनों देशों के संबंधों में तनाव बढ़ गया था। बाद में सीमा प्रबंधन पर सहयोग बढ़ने के बाद हालात सामान्य हुए।
स्पेन में फिर गरमाई सियासत
ताजा प्रवासी संकट को लेकर स्पेन की घरेलू राजनीति भी तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने सरकार पर सीमा सुरक्षा में विफल रहने का आरोप लगाया है। वहीं सरकार का कहना है कि सीमा की सुरक्षा सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है और साथ ही अंतरराष्ट्रीय मानवीय दायित्वों का भी पालन किया जाएगा।