नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट (ईरान और वेस्ट एशिया) में जारी भीषण जंग और भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर अब भारतीय उपभोक्ताओं की जेब पर दिखने लगा है। ओणम, नवरात्रि और दिवाली जैसे बड़े त्यौहारी सीजन की शुरुआत से ठीक पहले देश की प्रमुख कंज्यूमर गुड्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और FMCG कंपनियां अगस्त 2026 से प्रोडक्ट्स की कीमतों में 4 से 8 फीसदी तक का इजाफा करने जा रही हैं।
कच्चे माल की अनिश्चितता, लॉजिस्टिक्स/फ्रेट (माल ढुलाई) के भारी खर्च और डॉलर के मुकाबले रुपये में आ रही गिरावट के कारण इस साल कंपनियों को तीसरी बार दरें बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
कार से लेकर स्मार्टफोन तक: जानिए किस सेक्टर में कितनी बढ़ेगी कीमत
1. कारें और लग्जरी गाड़ियाँ (Auto Sector)
- मारुति सुजुकी: अगस्त से गाड़ियों की कीमत में ₹30,000 तक की बढ़ोतरी होगी। (इस वित्त वर्ष में दूसरी वृद्धि)
- होंडा कार्स इंडिया: 1 अगस्त से नई कीमतें लागू होंगी।
- मर्सिडीज-बेंज इंडिया: गिरते रुपये और इंपोर्ट कॉस्ट के असर को कम करने के लिए अगली तिमाही में कीमतें बढ़ाने की तैयारी।
- (नोट: टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा चालू महीने की शुरुआत में ही कीमतें बढ़ा चुके हैं।)
2. इलेक्ट्रॉनिक्स, टीवी और रेफ्रिजरेटर
इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियां अगस्त से सभी कैटेगरी में 4% से 6% तक दरें बढ़ाएंगी।
- टीवी और रेफ्रिजरेटर: मेमोरी चिप्स की भारी किल्लत और सप्लाई-चेन बाधित होने से टेलीविजन की कीमतें पहले ही 15% और रेफ्रिजरेटर/वाशिंग मशीन 10% तक महंगे हो चुके हैं।
- स्मार्टफोन: बीते 8-9 महीनों में मेमोरी चिप के दाम 3 गुना से अधिक बढ़ने का असर मोबाइलों पर भी दिखेगा।
3. ब्रांडेड कपड़े और फैशन (Apparel)
ब्रांडेड कपड़ों के नए सीजन का स्टॉक अब स्टोर्स तक पहुंच रहा है। टॉमी हिलफिगर, केल्विन क्लाइन (अरविंद फैशन्स) जैसे ब्रांड्स मुनाफे को बचाने के लिए नए स्टॉक पर 8% तक रेट बढ़ा सकते हैं।
4. पैक्ड चाय, हेयर ऑयल और FMCG
टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और बजाज कंज्यूमर केयर सहित प्रमुख FMCG कंपनियों पर पेट्रोलियम आधारित पैकेजिंग मटीरियल (LLDPE) और खाने के तेल (सरसों व बादाम तेल) की बढ़ी लागत का दबाव है। इसके चलते चाय, हेयर ऑयल और डेली यूज के सामान महंगे होंगे।
कंपनियों का तर्क: “बढ़ी लागत का बोझ पास करना मजबूरी”
हायर इंडिया के सीईओ सतीश एनएस के अनुसार, वेस्ट एशिया संकट के कारण क्रूड डेरिवेटिव और कमोडिटी की कीमतें लगातार ऊपर बनी हुई हैं, जिससे लॉजिस्टिक्स कॉस्ट काफी बढ़ गई है। वहीं, हैवेल्स इंडिया के चेयरमैन अनिल राय गुप्ता और बजाज कंज्यूमर केयर के मैनेजिंग डायरेक्टर नवीन पांडे का मानना है कि सितंबर तिमाही में मार्जिन पर दबाव रहेगा, हालांकि त्यौहारों के दौरान मांग मजबूत रहने की उम्मीद है।