नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके की तबीयत पिछले कई दिनों से खराब चल रही है। लगातार बुखार रहने के बाद कराई गई ब्लड जांच में उन्हें टाइफाइड होने की पुष्टि हुई है। इसकी जानकारी उन्होंने खुद एक वीडियो संदेश जारी कर दी। बीमारी के बावजूद उन्होंने साफ कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर उनका आंदोलन जारी रहेगा।
वीडियो संदेश में बताया स्वास्थ्य का हाल
अभिजीत दीपके ने वीडियो संदेश में कहा कि पिछले कई दिनों से उनकी तबीयत ठीक नहीं थी और अब ब्लड रिपोर्ट आने के बाद टाइफाइड की पुष्टि हो गई है। उन्होंने बताया कि उनका रोज सुबह और शाम इलाज चल रहा है।
उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे समर्थकों का आभार जताते हुए कहा कि पूरे देश में चल रहे आंदोलन को लोगों ने सफल बनाया है। उनका कहना था कि यदि इसी तरह शांतिपूर्ण विरोध जारी रहा तो धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा जरूर होगा।
पीएम की घोषणा पर सीजेपी ने दी प्रतिक्रिया
इससे पहले प्रधानमंत्री की ओर से प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ कड़े प्रावधान वाला विधेयक संसद में पेश किए जाने की घोषणा पर भी सीजेपी ने प्रतिक्रिया दी थी। पार्टी का कहना था कि परीक्षा में अनियमितताओं के खिलाफ सबसे सख्त कार्रवाई केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाना होगी।
सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने प्रधानमंत्री की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “मोदी जी, कल धर्मेंद्र प्रधान को हटा दीजिए। यह सबसे सख्त कार्रवाई है जो आप कर सकते हैं।”
अभिजीत दीपके ने भी साधा था निशाना
प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद अभिजीत दीपके ने भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने एक तस्वीर साझा की थी, जिसमें एक व्यक्ति बिना चारदीवारी वाले परिसर का गेट बंद करता दिखाई दे रहा है। इसे प्रस्तावित कानून पर उनके कटाक्ष के रूप में देखा गया।
सरकार ने प्रश्नपत्र लीक पर सख्त कानून का किया ऐलान
प्रधानमंत्री ने गुरुवार को कहा था कि केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने के बाद प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ कड़े प्रावधान वाला विधेयक अगले सप्ताह संसद में पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नीट प्रश्नपत्र लीक के आरोप सामने आने के बाद सरकार ने कई कदम उठाए हैं, जिनमें त्वरित अदालतों की व्यवस्था भी शामिल है। साथ ही, मामले में जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी कर उन्हें जेल भेजे जाने की बात भी कही थी।