लद्दाख के चर्चित एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने परीक्षा प्रणाली में सुधार और NEET पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर चल रहा अपना 26 दिनों का आमरण अनशन समाप्त कर दिया है। अनशन खत्म होने के बाद उन्होंने साफ कर दिया कि आंदोलन रुका नहीं है, बल्कि अब सरकार की जवाबदेही तय करने का असली चरण शुरू हुआ है।
- अनशन खत्म, जवाबदेही शुरू: 23 जुलाई को 26वें दिन वांगचुक ने अपना अनशन तोड़ा।
- संसद में चर्चा का भरोसा: पक्ष और विपक्ष के 65 से अधिक सांसदों ने इस मुद्दे को संसद में उठाने का आश्वासन दिया है।
- पीड़ित परिवारों को मुआवजा: NEET पेपर लीक के कारण जान गंवाने वाले छात्रों के परिजनों को मुआवजा देने का आश्वासन मिला।
- छात्रों पर केस नहीं: शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले युवाओं और छात्रों पर कोई कानूनी कार्रवाई/केस दर्ज नहीं होगा।
- PM मोदी का संदेश: प्रधानमंत्री ने वांगचुक के जल्द स्वस्थ होने की कामना की और डॉक्टरों की सलाह मानने का आग्रह किया।
संसद में उठेगा खराब परीक्षा प्रणाली का मुद्दा
सोनम वांगचुक ने एक वीडियो संदेश जारी कर बताया कि देश के विभिन्न राजनीतिक दलों के लगभग 65 सांसदों ने उनसे मुलाकात की और हस्ताक्षर करके अनशन खत्म करने का अनुरोध किया।
“हमें सरकार और विपक्ष-दोनों तरफ से यह लिखित व मौखिक आश्वासन मिला है कि भारतीय संसद के आगामी सत्र में देश की गिरती परीक्षा प्रणाली और जवाबदेही पर गंभीरता से चर्चा की जाएगी।”
– सोनम वांगचुक
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे लिखित आश्वासन का इंतजार कर रहे थे, जिसके कारण उन्हें अनशन की समयसीमा को कुछ दिनों के लिए बढ़ाना पड़ा था।
पीड़ितों को मुआवजा और फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनवाई
वांगचुक के अनुसार, सरकार ने तीन प्रमुख मांगों पर सहमति जताई है:
- मुआवजा: NEET पेपर लीक से परेशान होकर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को उचित आर्थिक सहायता दी जाएगी।
- मुकदमों की वापसी: परीक्षा धांधली के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर दर्ज केस हटाए जाएंगे।
- कड़ी कार्रवाई: दोषियों को सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतों का सहारा लिया जाएगा।
PM नरेंद्र मोदी ने की अच्छे स्वास्थ्य की कामना
सोनम वांगचुक द्वारा अनशन समाप्त करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई और उनके जल्द ठीक होने की प्रार्थना की।
- पीएम मोदी का बयान: “मैं सोनम जी से आग्रह करता हूं कि वे डॉक्टरों की सलाह मानें और अपना पुराना स्वास्थ्य व वजन जल्द से जल्द हासिल करें। दोषियों को पकड़ा जा चुका है और वे जेल में हैं। हमारी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना था कि छात्रों का एक भी साल बर्बाद न हो, इसलिए तुरंत परीक्षाएं आयोजित कराई गईं।”