सर्राफा बाजार में आज उस समय बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जब सोने और चांदी दोनों की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। MCX से लेकर स्थानीय बाजारों तक चांदी के दाम लगभग 4,000 रुपए प्रति किलोग्राम तक लुढ़क गए, जबकि सोने की कीमतों में भी जोरदार गिरावट आई। अचानक हुई इस बिकवाली से जहां निवेशकों में हड़कंप है, वहीं आम खरीदारों और आभूषण प्रेमियों के चेहरे खिल उठे हैं।
क्यों हुआ बाजार में यह बड़ा क्रैश?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, सोने-चांदी के दामों में इस बड़ी गिरावट के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण जिम्मेदार हैं: केंद्रीय बजट में की गई घोषणाओं और सीमा शुल्क में ढील के संकेतों के बाद घरेलू बाजार में कीमती धातुओं के दाम तेजी से नीचे आए हैं। हाल के दिनों में सोना और चांदी अपने सर्वकालिक उच्च स्तर के करीब पहुंच गए थे। इसके बाद ग्लोबल इन्वेस्टर्स ने बड़े पैमाने पर प्रॉफिट बुकिंग शुरू कर दी, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ा।
वैश्विक बाजार में अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में आई मजबूती के कारण भी कमोडिटी मार्केट पर दबाव देखा जा रहा है। आभूषणों की रिकॉर्ड कीमतों के कारण स्थानीय मांग में थोड़ी सुस्ती आई थी, जिसे संतुलित करने के लिए कीमतों का यह एडजस्टमेंट जरूरी माना जा रहा था।
खरीदारों के लिए बेहतरीन मौका
त्योहारों और आगामी शादी-विवाह के सीजन से पहले कीमतों में आई यह गिरावट आम उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ा अवसर लेकर आई है। जो लोग काफी समय से सोना या चांदी खरीदने का इंतजार कर रहे थे, उनके लिए यह समय सही एंट्री प्वाइंट साबित हो सकता है।
आगे क्या रहेगा बाजार का रुख?
कमोडिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि शॉर्ट टर्म में बाजार में थोड़ी और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकती है। हालांकि, लंबी अवधि के लिए सोने और चांदी के बुनियादी फंडामेंटल्स अभी भी मजबूत बने हुए हैं। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे जल्दबाजी के बजाय किस्तों में खरीदारी की रणनीति अपनाएं।