नई दिल्ली: 24 जुलाई 2026, शुक्रवार का दिन श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि है। इस दिन चित्रा नक्षत्र और इंद्र योग का शुभ संयोग बन रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रावण मास में भगवान शिव और माता दुर्गा की उपासना विशेष फलदायी मानी जाती है। वहीं शुक्रवार होने के कारण माता लक्ष्मी की पूजा का भी विशेष महत्व है। आइए जानते हैं 24 जुलाई 2026 का संपूर्ण पंचांग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और धार्मिक महत्व।
24 जुलाई 2026 का पंचांग
दिन: शुक्रवार
तिथि: श्रावण शुक्ल नवमी
पक्ष: शुक्ल पक्ष
मास: श्रावण मास
विक्रम संवत: 2083
सूर्य राशि: कर्क
चंद्र राशि: वृश्चिक
ऋतु: वर्षा ऋतु
सूर्योदय: प्रातः 05:42 बजे
सूर्यास्त: सायं 07:37 बजे
तिथि का महत्व
श्रावण शुक्ल नवमी तिथि देवी दुर्गा की आराधना के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। इस दिन शक्ति स्वरूपा माता दुर्गा की पूजा, व्रत, दान-पुण्य और धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि श्रावण मास में भगवान शिव और माता दुर्गा की आराधना करने से सुख, समृद्धि और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
नक्षत्र
24 जुलाई को चित्रा नक्षत्र रहेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चित्रा नक्षत्र रचनात्मक कार्यों, नई योजनाओं, कला, निर्माण कार्य और उन्नति से जुड़े कार्यों के लिए शुभ माना जाता है। इस नक्षत्र में शुरू किए गए कार्यों में सफलता और सम्मान मिलने की संभावना रहती है।
योग
इस दिन इंद्र योग का निर्माण हो रहा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इंद्र योग सफलता, पद-प्रतिष्ठा, सम्मान और आर्थिक उन्नति का प्रतीक माना जाता है। इस योग में किए गए शुभ कार्यों के सकारात्मक परिणाम मिलने की मान्यता है।
करण
24 जुलाई को कौलव करण और तैतिल करण रहेंगे। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार दोनों करण व्यापार, निवेश, शिक्षा, यात्रा और अन्य शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माने जाते हैं।
शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:03 बजे से 12:55 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:46 बजे से 03:42 बजे तक
अमृत काल: प्रातः 08:55 बजे से 10:30 बजे तक
अशुभ समय
राहुकाल: प्रातः 10:30 बजे से 12:00 बजे तक
यमगण्ड काल: दोपहर 03:00 बजे से 04:30 बजे तक
गुलिक काल: प्रातः 07:30 बजे से 09:00 बजे तक
धार्मिक महत्व
शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी की पूजा के लिए विशेष शुभ माना जाता है। श्रावण मास में भगवान शिव के साथ माता लक्ष्मी की आराधना करने से धन, वैभव और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होने की मान्यता है। इस दिन माता लक्ष्मी को कमल का पुष्प, खीर और सफेद मिठाई अर्पित करना शुभ माना जाता है।
शुक्रवार के शुभ उपाय
भगवान शिव का गंगाजल से अभिषेक करें।
माता लक्ष्मी को कमल का पुष्प और खीर अर्पित करें।
“ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः” मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करें।
सफेद वस्त्र, चावल और दूध का दान करें।
जरूरतमंदों को भोजन कराएं और कन्याओं का आशीर्वाद प्राप्त करें।