नई दिल्ली: मानसून का मौसम जहां गर्मी से राहत देता है, वहीं नमी और गंदे पानी की वजह से फंगल इंफेक्शन का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है। बारिश के पानी में भीगने के बाद पैरों में खुजली, लालपन, जलन और फंगल संक्रमण जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। लगातार नमी और पसीने के कारण बैक्टीरिया व फंगस तेजी से पनपते हैं। ऐसे में दवाइयों के साथ कुछ आसान घरेलू उपाय अपनाकर इस परेशानी से काफी हद तक राहत पाई जा सकती है।
गुनगुने पानी और सेंधा नमक से करें सफाई
बारिश से घर लौटने के बाद सबसे पहले पैरों को साफ पानी से धो लें। इसके बाद गुनगुने पानी में थोड़ा सा सेंधा नमक मिलाकर 10 से 15 मिनट तक पैर डुबोकर रखें। नमक के एंटी-बैक्टीरियल गुण फंगस को कम करने और खुजली से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं।
नीम का पानी या नीम का तेल हो सकता है फायदेमंद
नीम को प्राकृतिक एंटी-फंगल और एंटी-सेप्टिक माना जाता है। नीम की पत्तियों को उबालकर तैयार किए गए पानी से पैरों को धो सकते हैं। इसके अलावा नारियल तेल में कुछ बूंदें नीम का तेल मिलाकर प्रभावित हिस्से पर लगाने से खुजली और जलन कम करने में मदद मिल सकती है।
टी ट्री ऑयल से भी मिल सकती है राहत
फंगल इंफेक्शन की समस्या में टी ट्री ऑयल भी उपयोगी माना जाता है। नारियल या बादाम के तेल में 2 से 3 बूंद टी ट्री ऑयल मिलाकर रुई की मदद से प्रभावित जगह पर लगाने से फंगस की बढ़त को रोकने में सहायता मिल सकती है।
एप्पल साइडर विनेगर का करें इस्तेमाल
एक टब में बराबर मात्रा में पानी और एप्पल साइडर विनेगर मिलाकर उसमें 15 मिनट तक पैर रखें। विनेगर का अम्लीय गुण फंगल संक्रमण को कम करने में मददगार माना जाता है।
फंगल इंफेक्शन से बचने के लिए रखें ये सावधानियां
मानसून में पैरों को हमेशा साफ और सूखा रखना बेहद जरूरी है। पैर धोने या नहाने के बाद उंगलियों के बीच की जगह को अच्छी तरह सुखाएं, क्योंकि नमी फंगस बढ़ने की सबसे बड़ी वजह होती है। पैरों में नमी रोकने के लिए एंटी-फंगल पाउडर का इस्तेमाल करें। बारिश के मौसम में गीले मोजे पहनकर न रहें और भीगने पर तुरंत बदल लें। साथ ही ऐसे जूते या चप्पल पहनें, जिनमें हवा का पर्याप्त प्रवाह बना रहे और नमी लंबे समय तक न टिके।