नई दिल्ली। प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे विपक्षी नेताओं के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। हिरासत में लिए जाने के बाद राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव को दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम (मॉडल टाउन) ले जाया गया है, जबकि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को मंदिर मार्ग थाने भेजा गया है। वहीं, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस मुख्यालय (PHQ) के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
छात्रों के समर्थन में PM आवास की ओर मार्च
दरअसल, नई दिल्ली में छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में विपक्षी दलों ने मोर्चा खोल दिया। कांग्रेस और सहयोगी दलों ने प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च निकाला और धरना दिया।
इस प्रदर्शन में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव, पवन खेड़ा, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, दीपेंद्र हुड्डा और कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार समेत कई दिग्गज नेता शामिल हुए।
“प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के इशारे पर हुई कार्रवाई”: पवन खेड़ा
राहुल गांधी और अन्य नेताओं को हिरासत में लिए जाने पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला।
पवन खेड़ा ने कहा: “प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के इशारे पर दिल्ली पुलिस ने कायरतापूर्ण रवैया अपनाते हुए हमारे नेता राहुल गांधी को घसीटा। प्रियंका गांधी के साथ बदसलूकी की गई और उन्हें जबरन बस में ठूंसा गया। हमारी मांग बिल्कुल साफ है—हम छात्रों पर लाठियां और फर्जी केस नहीं चलने देंगे। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद पर रहने का कोई हक नहीं है। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को देश के छात्रों और उनके परिवारों से माफी मांगनी चाहिए और इस्तीफा देना चाहिए।”