नई दिल्ली: अमेरिका में पढ़ाई, पत्रकारिता या सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए जाने की तैयारी कर रहे विदेशी नागरिकों के लिए बड़ी खबर है। ट्रंप प्रशासन ने वीजा नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए विदेशी छात्रों, एक्सचेंज विजिटर्स और विदेशी पत्रकारों के लिए सख्त व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। नए नियम लागू होने के बाद तय समय-सीमा से अधिक अमेरिका में रुकना पहले जितना आसान नहीं रहेगा। जरूरत पड़ने पर गृह सुरक्षा विभाग से अनुमति लेनी होगी या फिर दोबारा वीजा प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा।
ट्रंप प्रशासन का कहना है कि मौजूदा ओपन-एंडेड वीजा सिस्टम की जगह अब निश्चित अवधि वाले वीजा लागू किए जाएंगे। माना जा रहा है कि इस फैसले का सबसे ज्यादा असर भारतीय छात्रों पर पड़ सकता है, क्योंकि अमेरिका में सबसे बड़ा विदेशी छात्र समुदाय भारत का है।
कब से लागू होंगे नए नियम?
गृह सुरक्षा विभाग (DHS) की ओर से जारी अंतिम नियम के अनुसार, विदेशी छात्रों के लिए ‘एफ’ वीजा, एक्सचेंज विजिटर्स के लिए ‘जे’ वीजा और विदेशी पत्रकारों के ‘आई’ वीजा की अवधि अब तय होगी। यह नियम फेडरल रजिस्टर में प्रकाशित होने के 60 दिन बाद लागू होगा। हालांकि इससे पहले अमेरिकी कांग्रेस इसकी समीक्षा करेगी।
भारतीय छात्रों पर क्यों बढ़ेगी मुश्किल?
नए नियमों के तहत चार साल से अधिक अवधि वाले कोर्स में पढ़ने वाले छात्रों को पढ़ाई पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय चाहिए तो उन्हें गृह सुरक्षा विभाग से समय बढ़ाने की मंजूरी लेनी होगी। यदि अनुमति नहीं मिलती है तो उन्हें अमेरिका छोड़कर दोबारा प्रवेश के लिए आवेदन करना पड़ सकता है।
पत्रकारों के लिए भी बदली व्यवस्था
विदेशी पत्रकारों को जारी होने वाले ‘आई’ वीजा की अवधि भी सीमित कर दी गई है। नए नियमों के अनुसार अधिकांश विदेशी पत्रकार अधिकतम 240 दिनों तक ही अमेरिका में रह सकेंगे, जबकि चीनी पत्रकारों के लिए यह अवधि केवल 90 दिन तय की गई है। इसके बाद आगे रुकने के लिए विभाग से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
छात्रों के लिए क्या-क्या बदलेगा?
नई व्यवस्था के तहत छात्र बिना अनुमति पढ़ाई बीच में छोड़कर किसी दूसरे संस्थान में आसानी से स्थानांतरण नहीं कर सकेंगे। वहीं डिग्री या प्रशिक्षण पूरा होने के बाद अमेरिका छोड़ने के लिए मिलने वाली अवधि भी 60 दिन से घटाकर 30 दिन कर दी गई है।
विशेषज्ञों ने उठाए सवाल
पूर्व अधिकारी डग रैंड ने कहा कि यह फैसला अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए अनावश्यक प्रशासनिक बाधाएं खड़ी करेगा। वहीं आव्रजन विशेषज्ञ डेविड जे. बीयर का मानना है कि इतने कम समय में छात्रों के लिए नई प्रक्रिया पूरी करना व्यावहारिक रूप से कठिन होगा।
आखिर क्यों बदले जा रहे हैं नियम?
गृह सुरक्षा विभाग का कहना है कि विदेशी छात्रों, एक्सचेंज विजिटर्स और विदेशी मीडिया प्रतिनिधियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। विभाग के मुताबिक वर्ष 2024 में 18 लाख से अधिक स्टूडेंट वीजा जारी किए गए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 11 प्रतिशत अधिक हैं। इसी अवधि में पांच लाख से ज्यादा एक्सचेंज विजिटर्स और 37 हजार से अधिक विदेशी मीडिया प्रतिनिधियों को भी वीजा जारी किए गए। विभाग का कहना है कि बढ़ती संख्या के बीच इमिग्रेशन नियमों के पालन और निगरानी को प्रभावी बनाने के लिए यह बदलाव जरूरी हो गया था।