सोशल मीडिया दिग्गज मेटा “Meta” की मुश्किलें भारत में बढ़ती नजर आ रही हैं। भारत सरकार के आईटी मंत्रालय (MeitY) ने इंस्टाग्राम पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री CSAM (चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज मटेरियल) को प्रमोट करने वाले एडवरटाइजमेंट को लेकर मेटा के अधिकारियों को समन भेजा है। आईटी मंत्री “अश्विनी वैष्णव” ने खुद अधिकारियों को इस मामले में मेटा से तुरंत जवाब तलब करने के निर्देश दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा विवाद शुरू हुआ जब BBC की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि इंस्टाग्राम पर टेस्ट के दौरान दो दर्जन से अधिक ऐसे विज्ञापन दिखाई दिए, जो CSAM को प्रमोट कर रहे थे। इन विज्ञापनों में सीधे टेलीग्राम चैनल्स के लिंक दिए गए थे, जहाँ इस तरह का अवैध कंटेंट मौजूद था। चूंकि भारत में बच्चों की सुरक्षा को लेकर कानून बेहद सख्त हैं, इसलिए सरकार ने इसे बेहद गंभीरता से लिया है और मेटा से इस पर लिखित स्पष्टीकरण मांगा है।
इस पर Meta का क्या कहना है?
विवाद के बाद मेटा के प्रवक्ता ने सफाई देते हुए कहा: “हमारी पॉलिसी ऐसी सामग्री को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ की है। हम इस तरह के कंटेंट और अपराधियों को पकड़ने के लिए एडवांस एआई (AI) टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन हम लगातार उन अपराधियों से लड़ रहे हैं जो हमारी पहचान से बचने की कोशिश करते हैं। हम अपनी सुरक्षा को और मजबूत कर रहे हैं।”
WhatsApp का ‘Username’ फीचर भी सरकार के रडार पर
इस समन के अलावा, सरकार और मेटा के बीच एक और मुद्दे पर ठन गई है। WhatsApp जल्द ही एक नया फीचर लाने वाला है, जिसमें लोग बिना अपना फोन नंबर शेयर किए सिर्फ ‘यूजरनेम’ के जरिए बात कर सकेंगे।
आईटी मंत्रालय का मानना है कि इस फीचर से स्कैमर्स और फ्रॉड करने वालों की मौज हो जाएगी। वे अपना असली नंबर छुपाकर लोगों को ठग सकेंगे, जिससे पुलिस के लिए उन्हें ट्रैक करना नामुमकिन हो जाएगा।
आईटी सचिव एस. कृष्णन ने वॉट्सऐप को इस फीचर की पूरी वर्किंग डिटेल लिखित में सौंपने को कहा है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इससे देश की सुरक्षा और यूज़र्स के साथ खिलवाड़ न हो।
आगे क्या होगा?
मेटा को अब सरकार के सामने इन दोनों ही मुद्दों पर ठोस जवाब देना होगा। अगर मेटा सरकार को संतुष्ट नहीं कर पाता है, तो आने वाले दिनों में इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई या नए कड़े नियम देखने को मिल सकते हैं।