दुबई: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में संभावित मिसाइल खतरे को लेकर मंगलवार को कुछ समय के लिए हाई अलर्ट की स्थिति बन गई। गृह मंत्रालय ने लोगों से तत्काल सुरक्षित इमारतों में शरण लेने, खिड़कियों, दरवाजों और खुली जगहों से दूर रहने की अपील की। इस दौरान देशभर में आपातकालीन अलर्ट भी जारी किया गया, जिसमें नागरिकों को संभावित मिसाइल खतरे के मद्देनजर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई।
यूएई की नेशनल इमरजेंसी क्राइसिस एंड डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NCEMA) ने अपने आधिकारिक संदेश में बताया कि देश की एयर डिफेंस फोर्स ने संभावित मिसाइल खतरे का पता लगाया है। इसी के बाद एहतियातन नागरिकों के लिए सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए गए और लोगों से आधिकारिक निर्देशों का पालन करने को कहा गया।
कुछ देर बाद वापस लिया गया अलर्ट
गृह मंत्रालय की चेतावनी जारी होने के कुछ समय बाद ही प्रशासन ने अलर्ट वापस लेने की घोषणा कर दी। अधिकारियों ने बताया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और नागरिक अपनी सामान्य गतिविधियां फिर से शुरू कर सकते हैं। इसके साथ ही लोगों से सतर्क रहने और भविष्य में भी केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की गई।
गृह मंत्रालय ने नागरिकों का जताया आभार
यूएई के आंतरिक मंत्रालय ने अपने संदेश में नागरिकों के सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। मंत्रालय ने कहा कि फिलहाल स्थिति सुरक्षित है और सभी लोग आवश्यक सावधानी बरतते हुए तथा आधिकारिक निर्देशों का पालन करते हुए अपनी दैनिक गतिविधियां दोबारा शुरू कर सकते हैं।
हमले के पीछे किसका हाथ, अभी नहीं हुई पुष्टि
संयुक्त अरब अमीरात ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि संभावित मिसाइल खतरा किस स्रोत से जुड़ा था या किस देश अथवा संगठन से हमले की आशंका जताई गई थी। हालांकि, इस घटना के पीछे यमन या ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों पर संदेह व्यक्त किया जा रहा है। इससे पहले भी हूती विद्रोही यूएई को निशाना बनाने की कोशिश कर चुके हैं।
जून में भी जारी हुआ था ऐसा ही अलर्ट
इससे पहले जून महीने में भी यूएई में मिसाइल हमले को लेकर इसी तरह का आपातकालीन अलर्ट जारी किया गया था। बाद में अधिकारियों ने स्पष्ट किया था कि राष्ट्रीय प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली में तकनीकी खराबी के कारण वह संदेश जारी हुआ था।