भारतीय शेयर बाजार इस समय फुल-ऑन एक्शन मोड में है। ग्लोबल मार्केट के प्रेशर और उतार-चढ़ाव को ठेंगा दिखाते हुए बाजार ने लगातार तीसरे दिन अपनी तेजी की हैट्रिक पूरी की। इस कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन Sensex 262 अंकों की छलांग लगाकर 77,763 के लेवल पर बंद हुआ, तो वहीं Nifty भी 95 अंक मजबूत होकर 24,270 के पार निकल गया।
HCL Tech की 9,500 करोड़ की मेगा AI डील
इस बार मार्केट की रैली का असली हीरो IT सेक्टर रहा, और लाइमलाइट चुरा ले गई HCL Technologies। कंपनी ने यूरोप की एक फॉर्च्यून ग्लोबल 50 कंपनी के साथ “1.14 बिलियन डॉलर” लगभग 9,500 करोड़ रुपये का एक मेगा कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है। यह पूरी डील नेक्स्ट-जेन AI और क्लाउड टेक्नोलॉजी पर बेस्ड है।
इस धमाकेदार खबर के आते ही HCL Tech का शेयर 7% से ज्यादा रॉकेट हो गया और यह निफ्टी का टॉप गेनर बना। इसका पॉजिटिव असर विप्रो, टीसीएस और इन्फोसिस जैसे बाकी भारी-भरकम आईटी शेयरों पर भी दिखा, जहां तगड़ी बाइंग देखने को मिली।
घर में रखे सोने से होगी रेगुलर इनकम
देश के चालू खाता घाटे को कंट्रोल करने और महंगे सोने के इम्पोर्ट पर लगाम लगाने के लिए सरकार एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक खेलने की तैयारी में है। सूत्रों की मानें तो अगले दो हफ्तों के अंदर एक बेहद सिंपल और कस्टमाइज्ड ‘गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम’ का अनाउंसमेंट हो सकता है।
इस नई स्कीम का सबसे बड़ा यूएसपी ये है कि अब आपको अपना सोना जमा करने के लिए सिर्फ चुनिंदा बैंकों के चक्कर नहीं काटने होंगे। आप अपने घर के पास वाले लोकल ज्वैलर्स के पास भी इसे डिपॉजिट कर सकेंगे, जिस पर आपको बकायदा फिक्स्ड ब्याज मिलेगा।
इन्वेस्टर्स में मची होड़
कॉर्पोरेट कॉरिडोर से इस वक्त की सबसे बड़ी हलचल अडानी ग्रुप से आ रही है। Adani Enterprises ने अपने क्वालीफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) का साइज 10,000 करोड़ रुपए से बढ़ाकर सीधे 15,000 करोड़ रुपए कर दिया है। इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर इस डील को लेकर इतने क्रेजी दिखे कि कंपनी को 38,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की बोलियां मिल गईं। हालांकि, यह इश्यू मौजूदा मार्केट प्राइस से करीब 9% के डिस्काउंट पर आया है, जिसकी वजह से आज स्टॉक में थोड़ी प्रॉफिट बुकिंग यानी मामूली गिरावट देखी गई।
अब आगे क्या?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि क्रूड ऑयल की कीमतों में आई नरमी और आईटी सेक्टर को मिले इस तगड़े बूस्टर डोज ने घरेलू बाजार को बढ़िया सपोर्ट दिया है। इसके अलावा रियल एस्टेट और फार्मा सेक्टर भी लगातार आउटपरफॉर्म कर रहे हैं। हालांकि, शॉर्ट-टर्म में बड़ा मूव पकड़ने के लिए निवेशकों को अमेरिकी बाजारों के सेंटिमेंट और अगले हफ्तों से शुरू होने वाले कंपनियों के तिमाही नतीजों पर क्लोज नजर रखनी होगी।