अगर आप भी बिजनेस को बढ़ाने और ग्राहकों से बात करने के लिए व्हाट्सएप पर ChatGPT या Claude जैसे थर्ड-पार्टी AI टूल्स का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके बजट को बड़ा झटका दे सकती है। मेटा अपने व्हाट्सएप बिजनेस प्लेटफॉर्म के प्राइसिंग मॉडल में एक ऐसा क्रांतिकारी बदलाव करने जा रहा है, जो सीधे तौर पर कंपनियों की जेब पर असर डालेगा।
क्या है मेटा का नया मास्टर प्लान?
व्हाट्सएप की पैरेंट कंपनी मेटा अपने खुद के एआई इकोसिस्टम को पूरी तरह स्थापित करना चाहती है। नए नियमों के मुताबिक, जो बिजनेस व्हाट्सएप पर कस्टमर सपोर्ट के लिए किसी बाहरी कंपनी के एआई बॉट का इस्तेमाल करेंगे, उन्हें अब मेटा को अलग से डिलीवरी चार्ज यानी ‘सर्विस मैसेज फीस’ देनी होगी। यह नया नियम 1 अक्टूबर 2026 से पूरी तरह लागू हो जाएगा। थर्ड-पार्टी एआई यूजर्स को एआई कंपनी और मेटा, दोनों को अलग-अलग फीस देनी होगी।
‘मेटा बिजनेस एजेंट’ का इस्तेमाल करने पर कंपनियों को भारी बचत होगी। 1 अगस्त 2026 से मेटा अपने एआई टूल्स के लिए टोकन सिस्टम शुरू कर देगा।
‘फ्री’ मैसेज का दौर खत्म, लगेगा एक्स्ट्रा चार्ज
अब तक व्हाट्सएप पर 24 घंटे की कस्टमर सर्विस विंडो के भीतर भेजे जाने वाले टेक्स्ट मैसेजेस पूरी तरह फ्री थे। लेकिन नए बदलाव के बाद, अगर कोई बिजनेस कस्टमर के सवालों का जवाब देने के लिए ChatGPT का उपयोग करता है, तो उसे दो तरफा खर्च उठाना पड़ेगा, पहला, OpenAI को उसकी एआई प्रोसेसिंग फीस और दूसरा, मेटा को प्रति मैसेज डिलीवरी चार्ज।