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वेनेजुएला भूकंप: मौत के मलबे से 144 घंटे बाद मुस्कुराई जिंदगी, जॉर्डन की रेस्क्यू टीम ने 3 साल के मासूम को दिया ‘दूसरा जन्म’

news desk
Last updated: July 1, 2026 12:33 pm
news desk
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काराकस (वेनेजुएला)। जहां उम्मीद की आखिरी किरण भी दम तोड़ चुकी थी, वहां कुदरत का एक ऐसा करिश्मा हुआ है जिसने पूरी दुनिया की आंखों में आंसू ला दिए हैं।

Contents
‘गोल्डन ऑवर’ थ्योरी फेल: जॉर्डन की टीम ने किया चमत्कारएम्बुलेंस का वो भावुक पलअंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज बोलीं-“यह पूरे देश के लिए उम्मीद का पल”7.2 और 7.5 की तीव्रता से कांपा लैटिन अमेरिका

वेनेजुएला की राजधानी काराकस में दो विनाशकारी भूकंपों के 6 दिन बाद (करीब 144 घंटे) मलबे के ढेर से 3 साल के एक मासूम बच्चे को सुरक्षित जिंदा बाहर निकाल लिया गया है। 2,000 से अधिक मौतों और मलबे में तब्दील हो चुके ला गुएरा जैसे शहरों के बीच, इस बच्चे का रेस्क्यू देश के लिए ‘उम्मीद का नया सवेरा’ बन गया है।

‘गोल्डन ऑवर’ थ्योरी फेल: जॉर्डन की टीम ने किया चमत्कार

भूकंप और आपदा विशेषज्ञों के मुताबिक, मलबे में दबे लोगों के जिंदा बचने के लिए शुरुआती 72 घंटे (गोल्डन ऑवर) सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। इसके बाद समय बीतने के साथ जीने की उम्मीद न के बराबर रह जाती है। लेकिन इस मासूम ने मौत को मात दे दी।

Después de 6 días han rescatado a un niño de 3 años en Venezuela. pic.twitter.com/WoBR9mvDOQ

— Ender Torres (@Ender_Etz) June 30, 2026

इस चमत्कारिक रेस्क्यू ऑपरेशन को जॉर्डन की अंतरराष्ट्रीय सिविल डिफेंस टीम ने अंजाम दिया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक भावुक वीडियो फुटेज में रेस्क्यू वर्कर्स मलबे से बच्चे को निकालते ही खुशी से झूमते और रोते नजर आ रहे हैं।

एम्बुलेंस का वो भावुक पल

रेस्क्यू टीम ने बच्चे को मलबे से निकालते ही सबसे पहले प्राथमिक उपचार दिया। वायरल फुटेज में रेस्क्यू वर्कर बेहद प्यार से टिश्यू पेपर से बच्चे का धूल से सना चेहरा पोंछते और एम्बुलेंस में उसे कंबल ओढ़ाते दिख रहे हैं। बच्चे को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज बोलीं-“यह पूरे देश के लिए उम्मीद का पल”

वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने इस घटना पर गहरी संवेदना और खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह बच्चा इस भीषण त्रासदी के बीच पूरे देश के लिए एक नई उम्मीद और हौसले का प्रतीक है। वहीं, वेनेजुएला की संसद के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिगेज ने जानकारी दी कि मंगलवार तक आपदा प्रभावित इलाकों से अब तक कुल 6,461 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है।

7.2 और 7.5 की तीव्रता से कांपा लैटिन अमेरिका

पिछले हफ्ते वेनेजुएला में आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो बैक-टू-बैक भूकंपों ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। इसे लैटिन अमेरिका के इतिहास की सबसे भयानक प्राकृतिक आपदाओं में से एक माना जा रहा है।

तबाही का मंजर: काराकस के उत्तर में स्थित ला गुएरा जैसे शहरों में गगनचुंबी रिहायशी इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं।

मौत का आंकड़ा: आधिकारिक तौर पर अब तक लगभग 2,000 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि हजारों लोग अब भी लापता हैं।

घड़ी की टिक-टिक के साथ रेस्क्यू टीमें दिन-रात मलबे को खंगाल रही हैं, और इस 3 साल के बच्चे के जिंदा मिलने के बाद अब बाकी बचे हुए लोगों को खोजने के अभियान में और तेजी आ गई है।

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